ममता ने राज्यपाल धनखड़ को बताया भ्रष्ट आदमी, तो वहीं राज्यपाल ने कहा, महामारी मे मास्क नही रेबड़ी बांटती दिखी दीदी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, राज्यपाल जगदीप धनखड़ एक भ्रष्ट व्यक्ति हैं। तृणमूल प्रमुख ममता ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को जैन मामले का हवाला देते हुए उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा। बता दें की ममता और धनखड़ के बीच शुरुआत से ही काफी कड़वाहट रही है। राज्यपाल पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर अक्सर ममता सरकार को घेरेते रहे हैं तो सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यपाल को कोसने में कोई मौका नहीं छोड़ती।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ममता ने आगे कहा कि राज्यपाल को हटाने के लिए वह तीन बार केंद्र सरकार को खत लिख चुकी हैं। तो वहीं, राज्यपाल धनखड़ ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोप को निराधार बताते हुए ममता पर पलटवार किया और कहा कि महामारी के समय उन्होंने अपने लोगों को रेबड़ी बांटी। राज्यपाल धनखड़ ने आगे कहा की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कुछ गंभीर आरोप लगाए। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

राज्यपाल धनखड़ ने कहा, मुझे उम्मीद नहीं थी की वे सनसनी फैलाने के लिए गलत जानकारी देंगी और गलत तरीके से प्रस्तुत करेंगी। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि मैंने बच्चों के दस्ताने नहीं पहने हैं। दरअसल, सोमवार को दार्जिलिंग से लौटे राज्यपाल पर ममता ने सवाल उठाते हुए कहा था की, ”उन्होंने अचानक उत्तर बंगाल का दौरा क्यों किया? मुझे उत्तर बंगाल को बांटने के षड्यंत्र का आभास हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा कि वह धनखड़ को हटाने के लिए केंद्र को कई पत्र लिख चुकी हैं।”

इतना ही नहीं ममता ने आगे कहा ”वह एक भ्रष्ट आदमी हैं। उनका नाम 1996 के हवाला जैन मामले के आरोप पत्र में था। केंद्र सरकार ने राज्यपाल को इस तरह से बने रहने की अनुमति क्यों दी है?” ममता बनर्जी ने कहा कि धनखड़ का उत्तर बंगाल दौरा एक ”राजनीतिक हथकंडा था क्योंकि वह केवल भाजपा के विधायकों और सांसदों से मिले थे।” ममता बनर्जी ने आगे कहा, ”संविधान के अनुसार, मैं उनसे मिलना, उनसे बात करना और सभी शिष्टाचार का पालन करना जारी रखूंगी.. किंतु केंद्र सरकार को मेरे पत्रों के आधार पर कार्य करना चाहिए।” 

ममता के लगाए आरोपो पर पलटवार करते हुए राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, ”आपके गर्वनर पर चार्जशीट नहीं है। इस तरह का कोई दस्तावेज नहीं है। यह झूठ है। मैं एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ से यह उम्मीद नहीं कर सकता। मैंने हवाला चार्जशीट में किसी कोर्ट से स्टे नहीं लिया है, क्योंकि ऐसा कुछ है ही नहीं।” धनखड़ ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ”मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह गलत सूचना फैला रही हैं और तथ्यों की गलत व्याख्या कर रही हैं। एक मुख्यमंत्री को इस तरह के आरोप लगाना शोभा नहीं देता।” 

उन्होंनेे ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन बताते हुए कहा, ”उन्हें उस आरोप पत्र का नाम बताना चाहिए जिसमें मेरा नाम था। जैन हवाला मामले में किसी भी आरोप-पत्र में मेरा नाम नहीं लिया गया था।” राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आगे कहा कि, यशवंत जी (यशवंत सिन्हा) हवाला केस में चार्जशीच में थे इसलिए ममता बनर्जी को उनसे चर्चा करनी चाहिए। क्या उनको (ममता बनर्जी) जनादेश इन बातों के लिए मिला है कि सभी संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट किया जाए। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।

गौरतलब हो की जैन हवाला मामला 1990 के दशक में एक बहुत बड़ा राजनीतिक और वित्तीय घोटाला था जिसमें हवाला चैनलों के माध्यम से धन कई पार्टियों के शीर्ष राजनीतिज्ञों को दिए जाने का दावा किया गया था। नामित लोगों में लालकृष्ण आडवाणी, वीसी शुक्ला, शरद यादव और कई अन्य शामिल थे। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोप कानूनी जांच में नहीं टिक पाए थे। 

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