ममता बनर्जी नहीं लेना चाहती कोई रिस्क, विवादों में रहें परेश अधिकारी को भी दिखाया बाहर का रास्ता

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार इन दिनों अपने मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर सुर्खियों में है. ममता सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी का नाम कथित रूप से शिक्षक भर्ती घोटाला में सामने आने के बाद और उन्हें ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद विपक्षी इन दिनों पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. इसी बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अपनी मंत्रिमंडल में फेरबदल करते हुए जहां पार्थ चटर्जी को मंत्रिमंडल से पहले ही बाहर कर दिया था तो वही अब सरकार ने पार्थ चटर्जी के बाद राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे परेश अधिकारी को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

दरअसल पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में परेश अधिकारी का भी नाम सामने आता रहा है जिसको लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाने का कार्य किया है.पश्चिम बंगाल की ममता सरकार इस समय कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है क्योंकि जिस प्रकार से पश्चिम बंगाल में पार्थ चटर्जी का नाम शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ा है इसको देखते हुए ममता सरकार इस समय अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर रही है. टीएमसी इस समय हर उस बात का ध्यान रख रही है जो टीएमसी की इमेज पर प्रभाव डालता है. अब अगर बात इसकी करें कि ममता बनर्जी सरकार में राज्य मंत्री रहे परेश अधिकारी पर आरोप क्या है तो परेश अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से अपनी बेटी को सरकारी स्कूल में शिक्षक की नौकरी दिलाई थी. इस मामले में उनके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज हो चुकी है. साथ ही कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा परेश अधिकारी की बेटी को नौकरी छोड़ने के आदेश भी जारी किए गए है.

टीएमसी नेता परेश अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने एसएससी की तरफ से जारी सूची में हेराफेरी के बाद अपनी बेटी को सरकारी स्कूल में शिक्षक की नौकरी दिलाई थी. बता दे कि बुधवार को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने मंत्रिपरिषद में 8 नए चेहरों को शामिल किया है तो वहीं चार मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. बुधवार को राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ला गणेशन ने कैबिनेट रैंक के पांच मंत्रियों, दो राज्य मंत्रियों और दो स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई है। 

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में ईडी ने पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता चटर्जी के घर पर तलाशी ली थी जहां इस दौरान पहले अर्पिता चटर्जी के एक घर से 20 करोड़ कैश, कीमती गहने और कई कीमती चीजें बरामद हुई थी. वही उसके कुछ दिन बाद ईडी द्वारा अर्पिता चटर्जी के दूसरे घर पर तलाशी अभियान चलाया गया जिसमें भी 20 करोड़ कैश के साथ कई महंगी वस्तुएं और कागजात बरामद किए गए थे.ईडी द्वारा पार्थ चटर्जी और अर्पिता चटर्जी को हिरासत में लिए जाने के बाद इन दिनों पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के निशाने पर है. इसी को देखते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल किया है तथा इस समय ममता बनर्जी सरकार उन सभी बातों का ध्यान रख रही है जो पार्टी की इमेज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है.

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