ऐसे बनाएं भारतीय वायु सेना में अपना भविष्य, जानिए इससे जुड़ी तमाम जानकारियां

भारतीय वायु सेना देश की सबसे गौरवान्तित नौकरी में से एक है। हमारे देश में बहुत से ऐसे बच्चे है जो बारहवीं पास करने के बाद अपना भविष्य भारतीय वायु सेना में बनाने का सपना देखते है लेकिन अधूरी जानकारी लेकर एग्जाम मे बैठने के कारण उन्हें कामयाबी नहीं मिलती। ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए है ये रिपोर्ट को आपको एग्जाम से लेकर नौकरी तक पहुंचाने में मदद करेगी।

यहां हम आपको बताएंगे की भारतीय वायु सेना में भर्ती होने से पहले आपको क्या जानकारी रखना जरूरी है? एग्जाम में बैठने के लिए क्या उम्र होनी चाहिए ? कोन सा सब्जेक्ट होना चाहिए किस एग्जाम को देना चाहिए इसके लिए हाइट क्या होनी चाहिए इसमें रिक्रूटमेंट कैसे होती है इत्यादि चीजों के बारे में हम आपको संक्षिप्त मे बताएंगे, तो आइये सबसे पहले जानते है इंडियन एयर फाॅर्स (भारतीय वायु सेना) क्या होता है।

भारतीय वायु सेना
भारतीय वायुसेना (इंडियन एयरफोर्स) भारतीय सशस्त्र सेना का एक अंग है जो वायु युद्ध, वायु सुरक्षा, एवं वायु चौकसी का महत्वपूर्ण काम देश के लिए करती है। इसकी स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को की गयी थी। स्वतन्त्रता (1950 में पूर्ण गणतंत्र घोषित होने) से पूर्व इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था और 1945 के द्वितीय विश्वयुद्ध में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आजादी (1950 में पूर्ण गणतंत्र घोषित होने) के पश्च्यात इसमें से “रॉयल” शब्द हटाकर सिर्फ “इंडियन एयरफोर्स” कर दिया गया।

भारतीय वायु सेना युद्ध के मैदान में, भारतीय सेना के सैनिकों को हवाई समर्थन तथा सामरिक और रणनीतिक एयरलिफ्ट करने की क्षमता प्रदान करता है। भारतीय वायु सेना एकीकृत अंतरिक्ष प्रकोष्ठ के साथ दो अन्य शाखाओं भारतीय सशस्त्र बल, अंतरिक्ष विभाग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ अंतरिक्ष आधारित संपत्तियों के उपयोग प्रभावी ढंग से करने के लिए, सैनिक दृष्टि से इस संपत्ति पर ध्यान देंता है। 

भारतीय वायु सेना भारतीय सशस्त्र बलों की अन्य शाखाओं के साथ साथ आपदा राहत कार्यक्रमो में प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री गिराने, खोज एवं बचाव अभियानों, आपदा क्षेत्रों में नागरिक निकासी उपक्रम में सहायता प्रदान करता है। भारतीय वायु सेना अन्य देशों की राहत कार्यक्रमों में भी सहायता प्रदान करता है, जैसा की उसने ऑपरेशन रेनबो (Rainbow) के रूप में श्रीलंका में किया।

इंडियन एयर फोर्स (IAF) में पायलट बनने के लिए चार तरीके – 
नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA)
कम्‍बाइंड डिफेंस सर्व‍िस एग्‍जाम (CDSE)
NCC और शॉर्ट सर्वि‍स कमीशन (SSC)
इन कोर्स के जरिये IAF में फ्लाइंग ऑफिसर बना जा सकता है। उम्‍मीदवार 12वीं पास करने के बाद एनडीए ज्‍वाइन कर सकते हैं। बाकी कोर्स में दाखिले के लिए ग्रेजुएट होना होगा।

शैक्षणिक योग्यता
नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA)
– NDA में शामिल होने के लिए भौतिकी और गणित विषयों के रूप में के साथ 10 + 2 परीक्षा पास होना चाहिए।
– आयु: 16-1 / 2 साल से 19 साल के बीच होना चाहिए।
राष्ट्रीयता: भारतीयलिंग: यह केवल पुरुषों के लिए लागू है।शारीरिक मानक

कम्‍बाइंड डिफेंस सर्व‍िस एग्‍जाम (CDSE)
– प्रथम श्रेणी में स्नातक (न्यूनतम 60% कुल अंक) (तीन वर्ष पाठ्यक्रम) + भौतिकी और गणित के साथ 10+2 पास होना चाहिए।
– प्रथम श्रेणी (न्यूनतम 60% कुल अंक) B.E./B.Tech (चार साल)।
– अंतिम वर्ष के छात्र भी शामिल हो सकते हैं। बशर्ते कि पिछले वर्ष के सेमेस्टर में कुल 60% अंक हो।
आयु: 19 साल से 23 सालराष्ट्रीयता: भारतीयवैवाहिक स्थिति: एकल।

NCC और शॉर्ट सर्वि‍स कमीशन (SSC)

एसएससी परीक्षा के माध्यम से पायलट बननें वाले अभ्यर्थियों की आयु 19 से 23 वर्ष के मध्य होना आवश्यक है, शैक्षिक योग्यता के अंतर्गत, आवेदक किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से 60 प्रतिशत अंकों के साथ भौतिक विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों से ग्रेजुएट, बीटेक, बीई या उसके समकक्ष होना चाहियें, साथ ही जिसके पास एनसीसी के एयर विंग सीनियर डिविजन से सी-सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है, इसके लिए बारहवीं और स्नातक, दोनों स्तरों पर आपके पास विज्ञान विषय होना अनिवार्य हैं ।

सभी उम्मीदवारों के लिए सामान है-

•आप किसी भी रोग / विकलांगता, जो कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डाल सकते हैं से मुक्त होने चाहिए | कमजोर या किसी भी प्रकार का शारीरिक दोष या अधिक वजन नहीं होना चाहिए।
•उसका सीना अच्छी तरह से विकसत होना चाहिए। चाहिए। पूर्ण विस्तार की न्यूनतम सीमा 5 सेमी होना चाहिए।
•हड्डियों और शरीर के जोड़ों का कोई रोग होना चाहिए।
•आपका कान, नाक और गला भूतकाल या वर्तमान बीमारी के किसी भी सबूत के बिना सामान्य होना चाहिए।
•मूत्र परीक्षा किया जाएगा और किसी भी विषमता, अगर पता चला, अस्वीकृति के लिए एक कारण हो सकता है।
•त्वचा में किसी भी बीमारी है, जो विकलांगता या विकृति पैदा होने की संभावना है, यह भी अस्वीकृति के लिए एक कारण हो जाएगा।
•विजन परीक्षण किया जाएगा। आपकी दूरदृष्टि अच्छी होनी चाहिए
•आप प्राकृतिक और दांतों की पर्याप्त संख्या होनी चाहिए। न्यूनतम 14 दंत अंक पर्याप्त है। यदि 32 दांत मौजूद हैं, तो कुल दंत अंक 22 होना चाहिए। आप गंभीर पायरिया से पीड़ित नहीं होना चाहिए।

वायु सेना अधिकारी का वेतनमान
वायु सेना के अधिकारी कमीशन होने से पहले ही कमाना शुरू कर देते हैं। प्रशिक्षण के अंतिम वर्ष के दौरान, उन्हें 20,000 का मासिक वेतन दिया जाता है। अपने मूल वेतन के अलावा, वे अन्य भत्ते जैसे तकनीकी भत्ता, उड़ान भत्ता और सैन्य सेवा वेतन का भी आनंद लेते हैं।

अधिकारियों का मासिक वेतन पैकेज होगा:
उड़ान शाखा:  74,264 तकनीकी शाखा:  65,514 ग्राउंड ड्यूटी शाखा:  63,014 

भारतीय वायुसेना द्वारा एसएससी के माध्यम से एयर फोर्स कॉमन एंट्रेस टैस्ट (एएफसीएटी) के लिए वर्ष में दो बार जून और दिसंबर माह में आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं, इससे सम्बंधित जानकारी अधिकारिक वेबसाइट www.ssc.nic.in और www.careerairforce.nic.in से प्राप्त कर सकते हैं।

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