कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बनाएं अपना करियर्स

इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट्स के पसंद की पहली ब्रांच होती है कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) क्योंकि यह
युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय कोर्सेज में से एक है। इस कोर्स को करने वाले छात्रों को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से
संबंधित सिस्टम की डिजाइनिंग, इम्प्लीमेंटेशन और मैनेजमेंट के बारे में पढ़ाया जाता है। इसके साथ ही छात्रों को
इस कोर्स में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और नेटवर्किंग के बारे में भी बेसिक जानकारी दी जाती है।

कंप्यूटर साइंस इंजीनियर के कार्य
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग कोर्स पूरा होने के बाद आपको अपने इंटरेस्ट्स के अनुसार किसी एक सब्जेक्ट्स का
चयन करना होगा। यदि आप सॉफ्टवेयर में काम करना चाहते हैं तो मुख्य रूप से आपका काम सॉफ्टवेयर
एप्लीकेशन्स को डिज़ाइन और डेवलप करना होगा। यहां पर आपको विंडोज जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम्स के लिए कोड्स
और अल्गोरिथ्म्स तैयार करने का भी मौका मिला सकता है।

यदि आप हार्डवेयर स्पेशलिस्ट के तौर पर काम करना चाहते हैं तो आपको लैपटॉप्स और पीसी के लिए हार्डवेयर
कंपोनेंट्स के लिए डिज़ाइन और डेवलपमेंट का काम करना होगा। किसी भी इंडस्ट्री में कंप्यूटर इंजीनियर्स का मुख्य
काम विभिन्न सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और नेटवर्किंग के कार्यों को मैनेज करना होता है।

कंप्यूटर साइंस में उपलब्ध विभिन्न कोर्स
भारत के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज एवं यूनिवर्सिटीज में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के कोर्स कराए जाते हैं, इस
विषय में कई तरह के कोर्स उपलब्ध हैं। संस्थानों के द्वारा मुख्य रूप से 3 तरह के कंप्यूटर साइंस कोर्सेज कराए जाते
हैं: डिप्लोमा कोर्सेज, अंडरग्रेजुएट कोर्सेज और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज। आइए जानते हैं इन सभी कोर्सेज के बारे में…

डिप्लोमा कोर्सेज – यह कोर्स पॉलिटेक्निक डिप्लोमा से संबंधित है, इस कोर्स की अवधि 3 वर्ष की है।

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज – कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी अर्थात बीटेक की डिग्री लेने के लिए आपको
अंडरग्रेजुएट लेवल कोर्स करना होता है, इस कोर्स की अवधि 4 वर्ष की है।

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज – ये मास्टर लेवल के कोर्सेज हैं जिन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कंप्यूटर साइंस
इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी अर्थात एमटेक करने के बाद आपको मास्टर की डिग्री मिलती है, इस कोर्स
की अवधि 2 वर्ष है।

कंप्यूटर साइंस में एडमिशन की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

अच्छे कॉलेज से कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम्स देना होता है। इसके लिए
आपके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ विषय के साथ 12th पास होना जरूरी है, जिसके बाद आप जीईई मेन्स,
जीईई एडवांस्ड या फिर यूनिवर्सिटी लेवल एग्जाम्स दे सकते हैं।

भारत में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के प्रमुख 10 संस्थान

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी खड़गपुर, खड़गपुर

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दिल्ली, दिल्ली

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मद्रास, मद्रास

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी बॉम्बे, बॉम्बे

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गुवाहाटी, गुवाहाटी

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कानपुर, कानपुर

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी रुड़की, रुड़की

अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई

जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी हैदराबाद, हैदराबाद

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