लव जिहाद: जिस के लिए घर से भागी, नीलम से अफरोज बनी आज उसी ने उतारा मौत के घाट

उत्तर प्रदेश के झांसी (Jhansi) में कथित लव जिहाद (Love Jihad) एक और मामला सामने आया है। जहां लव जिहाद की शिकार हुई पीड़िता की अब संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट चुकी है। पुलिस ने कब्र में दफन महिला के शव को खोदकर बाहर निकाल दिया है। फिलहाल पुलिस को अब शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

नीलम के पिता ने मामले में ससुरालवालों पर बेटी को जहर देकर हत्या करने की शिकायत मध्य प्रदेश की छतरपुर पुलिस से की थी। इसके बाद झांसी जिला प्रशासन की अनुमति के बाद अब कार्यपालक मजिस्ट्रेट, छतरपुर पुलिस की मौजूदगी में नीलम अहिरवार का शव कब्र से निकाला।

मामले में छतरपुर पुलिस के सीओ लोकेंद्र सिंह का कहना है कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर झांसी जिला प्रशासन से संपर्क करके अफरोज उर्फ नीलम का शव कब्र खोदकर पोस्टमार्टम के लिए बाहर निकाला गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी कारण सामने आएगा, उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि अफरोज बेगम (Afroz Begum) बनी नीलम अहिरवार (Neelam Ahirwar) ने कथित तौर पर कुछ दिनों पहले जहर खा लिया था। जहां झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृतक की मौत हो गई थी। मामले में पीड़िता के पिता ने आरोपी और उसके परिजनों पर लव जिहाद और हत्या का आरोप लगाया हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली नीलम अहिरवार को चार साल पहले छतरपुर जिले के सिविल लाइन क्षेत्र के रहने वाले तब्बू उर्फ तालिब खान बहला फुसलाकर भगा ले गया था। उस दौरान नीलम नाबालिक थी। पुलिस ने तालिब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लड़की को बरामद कर लिया था।

पुलिस ने नीलम को सौंपना चाहा लेकिन बेटी के कृत्य से झुब्ध पिता किशोरीलाल ने उसे अपनाने से मना कर दिया
जिसके बाद लड़की कुछ दिन आश्रय गृह में रही और वहां से निकलने के बाद तब्बू उर्फ तालिब के साथ रहने लगी। तालिब ने नीलम से निकाह कर लिया और उसका नाम बदलकर अफरोज बेगम रख दिया।

बताया जा रहा है की वहां उससे जबरन कलमा फढ़वाया गया, और मांस खाने को मजबूर किया गया। पिता के मुताबिक लड़की खुद को बचाने की गुहार लगा रही थी। जब पिता ने बेटी के ससुराल जाकर उससे मिलना चाहा तो ससुरालीजनों ने उसे मिलने नहीं दिया और वापस भगा दिया।

इसके बाद 6 जुलाई को नीलम उर्फ अफरोज ने छतरपुर में जहर खा लिया था। गंभीर हालत में नीलम अहिरवार को ससुराल वालों ने इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया था। इलाज के दौरान नीलम उर्फ अफरोज की मौत हो गई थी। ससुरालवालों ने इसके बाद उसके शव को पुलिस को बिना सूचना दिए झांसी के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के एक कब्रिस्तान में दफना दिया था।

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