LIVE UPDATE: प्रियंका के बाद अखिलेश यादव को भी पुलिस ने लिया हिरासत में, प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद समेत कई नेता हाउस अरेस्ट

लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा का असर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब नजर आने लगा है। कोई भी नेता इसे और गहरा रंग देने में कोई कमी नही छोड़ रहा है। प्रियंका के बाद अब अखिलेश यादव भी मैदान में उतर गए है । दरअसल अखिलेश यादव के घर के बाहर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किए गए है और उनके लखीमपुर जाने पर रोक लगाई गई है। इससे नाराज अखिलेश यादव ने सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं।

इस दौरान अखिलेश ने कहा की किसानों पर अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा जुल्म भाजपा सरकार कर रही है। वहीं उनके धरनास्थल से चंद कदम की दूरी पर पुलिस की जिप्सी फूंक दी गई है। जिप्सी गौतमपल्ली थाने के बाहर खड़ी थी। अभी साफ नहीं हो पाया है कि जिप्सी में आग किसने लगाई है। दरअसल, विक्रमादित्य मार्ग पर ही गौतमपल्ली थाना और उसके बगल में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का घर है।

थाने के बाहर पुलिस की जिप्सी खड़ी थी। अचानक जिप्सी में आग लग गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत आग बुझाने लगे। चंद मिनट में ही आग पर काबू पा लिया गया है। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है। जिप्सी मे आग लग जाने की खबरों के बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘अगर गाड़ी थाने के बाहर जली है तो पुलिस ने जलाई होगी, अगर पुलिसवाले जला रहे हैं तो इसलिए जला रहे हैं ताकि आंदोलन कमजोर हो जाए,

किसानों पर गाड़ी क्यों चढ़ाई? ताकि किसानों का आंदोलन कमजोर हो जाए।’ अपने लखनऊ स्थित आवास के बाहर धरने पर बैठे पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि पुलिस हमें लखीमपुर खीरी नहीं जाने दे रही है, हम यहीं पर सत्याग्रह कर रहे हैं, हमारा सत्याग्रह तब तक चलेगा, जबतक किसानों की मांग पूरी नहीं हो जाती है, हम यहां बैठे हैं और किसानों की मांग सरकार पूरी करे।

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे और किसानों को 2-2 करोड़ का आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं कुछ और विपक्षी पार्टियों के नेताओं को भी हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इनमें बसपा महासचिव सतीश मिश्र, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद, आराधना मिश्रा और शिवपाल यादव शामिल हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी पुलिस सुबह ही हिरासत में ले चुकी है।

हिंसा के बाद लखीमपुर में कुल मिलाकर करीब एक हजार जवान मौके पर मुस्तैद हैं। इसके साथ ही पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही लखीमपुर जिले में कल तक के लिए इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। लखीमपुर में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार तक के लिए जिले में इंटरनेट बंद कर दिया है। सोमवार को सिर्फ घटनास्थल के 20 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट बंद किया गया था। वहीं पूरे जिले में भी धारा 144 लगा दी गई है।

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