जानिए सफेद हल्दी से जुड़े राज, स्वास्थ्य के लिए अमृत की तरह काम करता है

आज हम आपको बताने जा रहे है सफेद हल्‍दी के बारे में , जो सौ बीमारियों की एक दवा मानी जाती है। अमूमन आपने पीली हल्दी के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आप जानते है पीली हल्दी के अलावा हल्दी का एक अन्य रूप भी है जिसे हम सफेद हल्दी अथवा कचूर (Zedoary) कहते हैं। यह कर्कुमा ज़ेडओरिया नाम के पौधे की जड़ होती है और ज्यादातर भारत और इंडोनेशिया में पाई जाती है।सफेद हल्दी में स्टार्च, करक्यूमिन, चीनी, सैपोनिन, रेजिन और फ्लेवोनोइड जैसे कई तत्‍व मौजूद होते हैं। हालांकि इस हल्‍दी का इस्‍तेमाल मसालों में नहीं किया जा सकता लेकिन इसके फायदे पीली हल्‍दी की तरह ही हैं।

सफेद हल्दी को पूलंकिलंगु, कचूर और ज़ेडडोरी के नाम से भी जाना जाता है। इसके अद्भुत औषधीय उपयोग और सौंदर्य लाभ हैं। सफेद हल्‍दी पथरी और कब्ज जैसी समस्याओं से निजात दिलाने के साथ ही पाचन तंत्र को मजबूत करता है। यह भूख बढ़ाने वाली, पथरी को तोड़ने वाली, यूरीन की रुकावट को दूर करने वाली होती है। सुगांधित होने के कारण इसे चटनी आदि बनाने में इस्‍तेमाल किया जाता है या आप चाहे तो इसे काटकर सिर्फ नमक के पानी में रखकर भी खा सकती हैं।

फोर्टिस हॉस्पिटल की डाइटिशियन सिमरन सैनी के मुताबिक,”यह पाचन संबंधी बीमारियों जैसे पेट फूलना, अपच, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम और कब्ज के इलाज में सहायक है। साथ ही सफेद हल्‍दी अर्थराइटिस, रूमेटाइड और घुटने के दर्द जैसी दर्दनाक समस्‍याओं में होने वाली सूजन का इलाज करने में मदद करती है। यह एंटीमाइक्रोबियल और एंटीफंगल कंडीशन के इलाज के लिए अच्छी होती है। यह संक्रमण और त्वचा की एलर्जी का इलाज करने में भी मदद करती है।” उन्‍होंने आगे बताया, सफेद हल्‍दी कफ के अतिरिक्त उपचार में भी सहायक होती है और अस्थमा, सर्दी और साइनस की समस्याओं को ठीक करने में मदद करती है। इसके अलावा यह पीरियड्स की ऐंठन और दर्द से राहत देने के लिए फायदेमंद है और चोटों के कारण होने वाले किसी भी दर्द के इलाज में भी मदद करती है।” 

यहीं नहीं इसे खाने से अपच, ऐंठन, भूख ना लगना, पेट में कीड़े, पेट फूलना, अनियमित मल त्याग, और अल्सर जैसी बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। सफेद हल्दी की जड़ को पेट में बन रही एसिडिटी को खत्म करने में कारगर माना गया है। इसीलिए यह पेट के अल्सर को भी होने से रोकती है। सफेद हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेंटरी गुण होते हैं जिस के चलते सूजन, घाव और त्वचा रोग का इलाज करने में मदद मिलती है। सफेद हल्दी में किसी भी तरह के इंफेक्‍शन को रोकने की क्षमता होती है जैसी कि अगर किसी व्यक्ति को बुखार हो रहा है तो उसे सफेद हल्दी खिलाएं इससे उसका बुखार उतर सकता है। सफेद हल्दी शुगर वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद है बता दे कि सफेद हल्दी खाने से बॉडी का ब्लड शुगर लेवल कम रहता है।

आइए जानते है सफेद हल्दी से जुड़े फायदे, विस्तारपूर्वक

डाइजेशन को बेहतर बनाएं
वह लोग भी सफेद हल्दी का इस्‍तेमाल कर सकते है जिन्हे कब्ज, दस्त या भूख न लगने के साथ ही मल त्याग, अपच, और बदले में पेट फूलना जैसी बीमारी हैं।

एंटी-टॉक्सिक गुण
घावों के उपचार, संक्रमण से लड़ने या यहां तक ब्‍यूटी हैक, सफेद हल्दी इन विभिन्न समस्याओं का एक सामान्य समाधान है। इसमें बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।

दर्द और सूजन से राहत
सफेद हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो घावों के इलाज में मदद कर सकते हैं। इसका उपयोग खुले घावों के इलाज के लिए किया जा सकता है। अर्थराइटिस से परेशान महिलाएं सफेद हल्दी का उपयोग कर सकती हैं, क्योंकि यह सूजन के इलाज में मदद करती है।

श्वसन प्रणाली के लिए सहाय 
बहुत सारी महिलाएं कफ और बलगम से परेशान रहती हैं जो उनके नाक मार्ग को अवरुद्ध करता है और सांस की परेशानी, खांसी, जुकाम, अस्थमा और साइनस की ओर जाता है। सफेद हल्दी फेफड़ों को साफ करने में मदद कर सकती है और सांस लेना आसान बनाती है।

सफेद हल्दी एक detoxifier के रूप में कार्य करती है और शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करती है। यह संज्ञानात्मक कार्य में सुधार, कैंसर का खतरा कम, अल्सर को ठीक, त्वचा की मदद और ब्‍लड प्‍यूरीफायर के रूप में काम करती है। इसके अलावा यह महिलाओं को पीरियड्स के दर्द से राहत देती है।

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