किसान आंदोलन : महापंचायत में बोले टिकैत, हमें दूर करनी हैं सरकार की गलतफहमी

कृषि कानून के विरोध में किसानों का आंदोलन बदस्तूर जारी है. किसान लगातार तीन कृषि कानून को वापस लेने की मांग केंद्र की मोदी सरकार से कर रहे हैं तो वहीं केंद्र की मोदी सरकार कृषि कानून को समय की मांग बता रही है. मामला यही अटका हुआ है और तीन कृषि कानून पर अभी तक बात बन नहीं पाई है.  

कल देशभर में किसानों ने कृषि कानून के विरोध में रेल रोको अभियान का ऐलान किया जिसके तहत देश में कई जगहों पर रेल रोको अभियान का मिला जुला असर देखने को मिला. कल किसानों ने दोपहर 12 बजे से शाम के 4 बजे तक रेल रोक अभियान चलाया और इस दौरान ट्रेने के रूकने के कारण यात्री परेशना भी नजर आए.

वहीं दूसरी तरफ कल भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हरियाणा के हिसार के खरक पुनिया में महापंचायत की और यहां से उन्होंने सरकार को कड़ा संदेश दिया.

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टिकैत ने मंच से कहा कि सरकार सोच रही है कि 2 महीने में फसल की कटाई होगी और किसान फसल की कटाई के लिए वापस चल जाएंगे पर  सरकार भ्रम में है. टिकैत ने कहा कि किसानों को बलिदान देना होगा और खड़ी फसल को आग लगा देंगे. साथ ही टिकट बोले कि फसलों का फैसला किसान करेगा सरकार नहीं.

इसके साथ ही उन्होंने  कहा कि हरियाणा की खापों का हमें भरपूर समर्थन मिल रहा है और ये सिर्फ पंचायत हरियाणा तक सीमित नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि हम हर प्रदेश में जाकर पंचायत करेंगे.

आपको बता दे कि कल महापंचायत के दौरान टिकेत लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर रहे. उन्होंने कहा कि हम अभी तक हमने लाठी खाई है अब खेत में इस्तेमाल होने वाले औजार लेकर दिल्ली जाएंगे.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि हम 40 लाख ट्रैक्टर लेकर दिल्ली आएंगे. साथ ही टिकैत बोले की हम किसान हैं

हम फसलें भी कटेंगे और आंदोलन भी करेंगे. गौरतलब है कि किसानों का आंदोलन दिल्ली के तमाम बार्डरों पर पिछले लगभग तीन महीने से जारी है और इस दौरान कई दफा केंद्र सरकार और किसानों के बीच कृषि कानून को लेकर हुई बातचीत के बाद भी कोई हल अभी तक निकल नहीं पाया है. 

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