पीएम मोदी की बैठक से संतुष्ट नहीं कश्मीरी नेता, बोले- ‘बैठक में नहीं मिला ठोस जवाब, हमें जेल मे बंद लोगों की रिहाई चहिए’

प्रधानमंत्री की जम्मू कश्मीर में गुरुवार को कश्मीरी नेताओं के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में बातचीत के कई पहलू सामने आए। पीपुल्स अलायंस (People’s Alliance) के संयोजक और प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी (Mohammed Yusuf Tarigami) ने बैठक खत्म होने के बाद कहा कि, ये बैठक धारा-370 हटाए जाने के पहले बुलाई जाती तो अच्छा रहता। 3 घंटे की मीटिंग में वो ठोस जवाब नहीं मिला, जिसकी हमें उम्मीद थी। 

उन्होंने आगे कहा कि, “हमें अपनी बात रखने का पूरा मौका मिला। प्रधानमंत्री ने हमारी बातों को ध्यान से सुना और भरोसा दिया कि इन पर अमल किया जाएगा पर 3 घंटे चली इस बैठक में हमें ठोस जवाब नहीं मिला है, जैसी कि हमें उम्मीद थी। हम कानून के दायरे में रहकर हक मांगते हैं। हम जेल में बंद लोगों की रिहाई मांगते हैं, वे बहुत तकलीफ में हैं।”

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी (People’s Conference Party) के संस्थापक सज्जाद लोन (Sajjad Lone) ने कहा कि कश्मीर के अवाम की समस्याएं खुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखी गई हैं। गृहमंत्री और जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को भी बताया गया। ये समस्याएं कब तक हल होती हैं यह तो आने वाले वक्त में ही देखा जाएगा फिलहाल जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा अभी मिल जाना चाहिए यह हमारा हक है।

उन्होने आगे कहा की, हम सभी मुल्क के साथ रहना चाहते हैं और यहां सवाल हिंदू या मुस्लिम का नहीं है। कश्मीर में जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। अनुच्छेद 370 और 35-A हमसे पूछे बिना हटाए गए ये पूरी तरह गलत है। ये बैठक अनुच्छेद-370 हटाने से पहले बुलाई जाती, तो नतीजे ज्यादा बेहतर होते।

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