ताप- विद्युतीय पदार्थ बनाने के लिए नवीन रणनीति विकसित करने वाले कनिष्क बिस्वास को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार मिला

नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी मंत्रालय): वर्तमान में भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान, जेएनसीएएसआर में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत प्रोफेसर कनिष्क बिस्वास ने रसायन विज्ञान में प्रतिष्ठित शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार प्राप्त किया है। 

कनिष्क बिस्वास को यह पुरस्कार ठोस – अवस्था अकार्बनिक रसायन और ताप- विद्युतीय ऊर्जा रूपांतरण के क्षेत्र में उनकी विज्ञान और प्रौद्योगिकी खोजों के लिए दिया गया है। उनके शोध में सीसे (लेड-पीबी) मुक्त उच्च कार्यनिष्पादन वाला ताप- विद्युतीय पदार्थ विकसित करने के लिए अकार्बनिक ठोस पदार्थों की संरचना और गुणों के बीच संबंधों की ऐसी मौलिक समझ शामिल है,

जो कुशलतापूर्वक अपशिष्ट गर्मी को ऊर्जा में परिवर्तित कर सकती है और लागत प्रभावी प्रौद्योगिकियों में जिसका अनुप्रयोग किया जा रहा है। मौलिक और व्यावहारिक रासायनिक सिद्धांतों का उपयोग करते हुए, कनिष्क बिस्वास ने एक क्रिस्टलीय अकार्बनिक ठोस में परमाणु क्रम और परिणामी इलेक्ट्रॉनिक अवस्था निरूपण के नियंत्रण के माध्यम से एक अभूतपूर्व ताप-विद्युतीय (थर्मोइलेक्ट्रिक) प्रदर्शन हासिल किया है,

और साथ ही इसके इलेक्ट्रॉनिक परिवहन को बढ़ाकर उसकी तापीय (थर्मल) चालकता को कम किया है। उनका यह शोध इस वर्ष विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, शिकागो से अपने विज्ञान विशारद के पश्चात शोध के दौरान, उन्होंने तापीयविद्युत पर अपने ध्यान का क्षेत्र विकसित किया। कनिष्क बिस्वास के नाम कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हैं।

उन्होंने जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र से अपने स्वतंत्र करियर में ठोस –अवस्था अकार्बनिक रसायन और ताप- विद्युतीय ऊर्जा रूपांतरण पर जर्नल ऑफ अमेरिकन केमिकल सोसाइटी और एंजवेन्टे केमी जैसे उच्चतम गुणवत्ता वाली 10 से अधिक रसायन विज्ञान पत्रिकाओं में 165 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। उनके कुल उद्धरण और एच-इंडेक्स क्रमशः 13650 और 50 हैं।

उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) से स्वर्ण जयंती फेलोशिप मिली है। वह रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (एफआरएससी), ब्रिटेन में आमंत्रित फेलो हैं। वह एसीएस एप्लाइड एनर्जी मैटेरियल्स, एसीएस, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) में कार्यकारी संपादक और कई महत्वपूर्ण पत्रिकाओं में संपादकीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं।

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