जम्मू – कश्मीर को पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए अभी करना होगा इंतजार

जम्मू – कश्मीर से धारा 370 और आर्टिकल 35 ए के हटने बाद जम्मू कश्मीर विकास की और अग्रसर है. पहले के मुकाबले यहां असहज स्थितियों और आतंकवादियों पर लगाम लगी है. इसका श्रेय केंद्र की मोदी सरकार को जाता है. हाल ही में जम्मू – कश्मीर में हुए डीडीसी चुनावों में मतदाताओं का जोश ये बताने के लिए काफी हैं कि जम्मू – कश्मीर की जनता विकास चाहती है. जम्मू – कश्मीर में स्थिती बदल रही है अब बदलनी भी चाहिए क्योकिं पूर्व में यहां की सरकारों ने जो घाटी का हाल किया है वो किसी से छिपा हुआ नहीं है.

जम्म- कश्मीर को पूर्ण राज्य देने की मांग पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोकसभा में जम्मू – कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक – 2021 पर जवाब देते हुए स्पष्ट कर दिया कि सही समय पर जम्मू- कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्ज दिया जाएगा. ये सही भी हैं क्योकि  इस मामले में जल्दबाजी  करना जरूरी नहीं दिखाई देता. साथ ही शाह ने विपक्ष द्वारा धारा 370 का समर्थन करने पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि संविधान में ये अस्थायी व्यवस्था थी पर कांग्रेस और दूसरे दलों ने इसे 70 वर्षो तक जारी रखा.

शाह ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जम्मू – कश्मीर से धारा 370 हटे अभी 17 महीने हुए है पर आपने पिछले 70 वर्षों में क्या किया ?  क्या इसका जवाब विपक्ष के पास है ?  अब गृहमंत्री अमित शाह की ये बात सच है इसमें कोई दो राय नहीं. विपक्ष को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उन्होंने पिछले 70 वर्षों में जम्मू – कश्मीर के विकास के लिए क्या किया पर इससे विपक्ष बचता और सरकार को घेरता ही नजर आता है.     

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