राजनीति में सोच समझकर बोलना जरूरी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के उत्तर भारत और दक्षिण की राजनीति को लेकर दिए गए बयान की चर्चा वर्तमान में जोरों पर है क्योकि राहुल गांधी ने कह ही कुछ ऐसा दिया है.

राहुल ने कहा की उत्तर भारत में सतही राजनीति होती है लेकिन दक्षिण भारत में मुद्दों की. राहुल के इसी बयान पर बवाल मचा हुआ है. इसने बीजेपी को राहुल को घेरने का एक बार फिर मौका दे दिया है. वैसे भी राजनीतिक पार्टियां तो एक दूसरे को घेरने का मौका तलाशती ही रहती है और मौका समय पर मिल जाए तो फिर कहना ही क्या है.

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राहुल ने ऐसा क्यों कहा राहुल ही जाने पर क्या राहुल गांधी को ये बात समझनी नहीं चाहिए की उनके इस बयान से उनके उपर सवाल खड़े हो सकते है. उत्तर भारत से वे 15 साल सांसद रहे. हमेशा मंच से वादे औऱ अपने इरादे जनता को बताते रहे औऱ अब जाकर राहुल जब केरल के वायनाड से सांसद है तो वे अब इस तरह का बयान देकर अपनी किरकिरी खुद करा रहे है.

राहुल को ये बयान देन से पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए था कि वे बोल क्या रहे है और इसका प्रभाव उत्तर भारत की जनता पर क्या पड़ेगा जहां से ही उन्होंने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरवात की है. सोचिए अमेठी की जनता राहुल के इस बयान पर क्या सोच रही होगी. 

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