ISRO लॉन्च करने जा रहा है बेहद खास सैटेलाइट ‘आसमान में आंख’, पाकिस्तान-चीन की सरहद पर रखेगा निगरानी

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जल्द एक बेहद खास सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है। जो पाकिस्तान चीन के सरहद की निगरानी करने से लेकर देश के बड़े इलाके की मॉनिटरिंग तक करेगा। इसके साथ ही यह प्राकृतिक आपदा के बारे में पहले से ही पूरी जानकारी देने मे सक्षम है। इसका खास सैटेलाइट का नाम आंख रखा गया है।
यह अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (EOS) है जिसे ‘आई इन द स्काई’ यानी ‘आसमान में आंख’ भी नाम दिया गया है।

हिंदी में इस सैटेलाइट को निगहबान के नाम से जाना जाएगा। तकनीकी भाषा में इसे GISAT-1 कहा जा रहा है। यह सैटेलाइट आकाश में निगहबानी करेगा और हर तरह के खतरों के बारे में आगाह करेगा। सैटेलाइट के बारे में अभी हाल में केंद्रीय राज्यमंत्री और अंतरिक्ष विभाग के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने संसद में बताया था कि अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट हर दिन देश के हर इलाके से 4-5 फोटो इसरो को भेजेगी।

इन तस्वीरों के आधार पर भारत की अलग-अलग एजेंसियों हर परिस्थिति पर नजर रखेंगी जिनमें प्राकृतिक आपदा के अलावा सरहदी इलाकों में खतरे की स्थिति भी शामिल होगी। तस्वीर में जाहिर खतरे को लेकर कम समय में बड़ी तैयारी की जा सकेगी। GISAT-1 सैटेलाइट सरहदी सुरक्षा के अलावा खेती, जंगल, खनिज, बादलों की स्थिति, बर्फबारी और ग्लेशियर के हालात की जानकारी देगी।

समुद्र में होने वाली हलचलों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी। उस आधार पर फौरी तैयारी के अलावा दीर्घ अवधि में रिसर्च करने में मदद मिलेगी। इसरो के मुताबिक सैटेलाइट को शुरू में जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थित किया जाएगा। यही वही जगह है जहां किसी भी सैटेलाइट को उसके अंतिम लक्ष्य तक भेजने से पहले कक्षा में स्थापित किया जाता है। जीटीओ का अर्थ ऑर्बिट समुद्र की सतह से लगभग 42,143 किमी ऊपर होगा।

इस सैटेलाइट को पिछले साल 5 मार्च को ही लॉन्च किया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसमें देर हो गई। बाद में कुछ तकनीकी गड़बड़ी आ गई। इसके बाद दो बार लॉन्चिंग की तारीख तय हुई, लेकिन फिर कोरोना की दूसरी लहर में मामला लटक गया। फाइनल तारीख 11 अगस्त निर्धारित हुई लेकिन मौसम के चलते रुकावट आ गई।

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