इजरायल के वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी, तैयार हुआ ‘ब्रेस्ट मिल्क’, 3 साल में होगा उपलब्ध

नवजात शिशु के लिए मां के दूध से बढ़कर कुछ नही होता। नवजात के लिए मां का दूध ना सिर्फ संपूर्ण बल्कि, सर्वोत्तम आहार भी माना गया है। मां के दूध में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते है। मगर वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी में एक मां अपने बच्चे को भरपूर समय नहीं दे पाती। जिससे बच्चा अपनी मां के दूध से वंचित रह जाता है और उसके शरीर में शुरुआती दौर में जरूरी पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। इसलिए यह रिर्पोट उन अभिभावकों लिए एक बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है जो अपने बच्चे को अपना कीमती समय दे पाने में असमर्थ है या फिर वह मां जो किसी गंभीर बीमारी, और एनीमिया जैसे रोगों के चलते अपने बच्चे को दूध नहीं पीला पाते। दरअसल, मां का दूध यानी ‘ब्रेस्ट मिल्क’ अब प्रयोगशाला में भी तैयार हो गया है। इस दूध को बनाने वाली कंपनी ने यह भी बताया है कि इसे तैयार करने पर काम चल रहा है और अगले तीन साल में यह बाजार में उपलब्ध्या हो सकेगा।

दुनिया में पहली बार इजरायल की लैब में नवजात के लिए ब्रेस्ट मिल्क को तैयार किया है। इजरायल के स्टार्टअप ‘बायोमिल्क’ ने महिलाओं की स्तन कोशिकाओं से दूध तो बनाने में कामयाबी पाई है। कंपनी का दावा है कि इस दूध में ज्यादातर वो सभी पोषक तत्व हैं जो मां के दूध में पाए जाते हैं। बॉयोमिल्क में मां के दूध की तरह पोषक तत्व, फैटी एसिड, प्रोटीन और दूसरे वसायुक्त तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो, इसकी पूरी कोशिश की गई है। वैसे, वैज्ञानिक यह भी दावा कर रहे हैं कि बॉयोमिल्क में मौजूद पोषक तत्व मां के दूध से भी अधिक है।

कंपनी की चीफ साइंस ऑफिसर और को-फाउंडर डॉ. लीला स्ट्रिकलैंड के मुताबिक, लैब में तैयार ब्रेस्ट मिल्क और मां के दूध में एक ही अंतर है वो है एंटीबॉडी। मां के दूध से बच्चे में रोगों से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनती हैं, जबकि इस दूध से ऐसा नहीं होता। लेकिन सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। उन्होंने आगे कहा हमारे प्रोडक्ट में पोषक तत्वों की मात्रा किसी भी दूसरे प्रोडक्ट से ज्यादा है। ये मां के दूध से काफी मिलता-जुलता है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैटी एसिड्स और बायोएक्टिव लिपिड्स जैसे सभी पोषक तत्व हैं जो मां के दूध में मौजूद होते हैं।

बॉयोमिल्क कंपनी की सह-संस्थापक और चीफ साइंटिस्ट लीला स्ट्रिकलैंड ने बताया कि मेरा बेटा प्री-मैच्योर पैदा हुआ था। इस कारण मैं उसे ब्रेस्ट मिल्क नहीं उपलब्ध करा पाई थी। इसी से सबक लेते हुए मैंने लैब में ब्रेस्ट मिल्क को तैयार करने का लक्ष्य तय किया। 2013 से लैब में स्तन कोशिकाओं को विकसित करना शुरू किया था। हमारी कंपनी के स्टाफ में ज्यादातर महिलाएं हैं। उन्होंने दावा किया की जिस तरह हमारा प्रोडक्ट बच्चे के इम्यून सिस्टम, आंत और दिमाग के विकास में मदद करता है उतना दूसरे मिल्क प्रोडक्ट नहीं करते। हमारी कोशिश है कि अगले तीन साल में इसे मार्केट में उपलब्ध कराया जाए।

More articles

- Advertisement -
Web Portal Ad300x250 01

ताज़ा ख़बरें

Trending