क्या सचमुच होने वाला है उत्तर प्रदेश का बंटवारा, क्या 3 हिस्सों में बंट ने वाला है यूपी ? जानिए क्या है सच

संपूर्ण भारत में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को माना जाता है। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के विभाजन की चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है की कभी भी किसी भी वक्त उत्तर प्रदेश के बटवारे की खबर आ सकती है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है की उत्तर प्रदेश तीन हिस्सो मे बटने की कगार पर है। जिसमे से योगी सरकार पूर्वांचल को यूपी से अलग कर सकती है। 

बता दें उत्तर प्रदेश का का पहला बंटवारा सन 2000 में दो हिस्सो में किया गया था। जिसमे (9 नवम्बर 2000) उत्तराखंड अपने एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। दरअसल 25 अगस्त 2000 को उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के पारित होने के साथ लंबे समय से चली आ रही यह मांग पूरी हुई थी। पहले अलग राज्य का नाम उत्तरांचल था, जिसे बाद में बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया था।

इन्ही सब बातों के बीच सोशल मीडिया पर यह आशंकाए जताई जा रहीं है कि अब जल्द ही फिर से यूपी का विभाजन होगा। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है की केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश को 2-3 हिस्सों में बांटने पर और पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने पर विचार कर रही है। इस पूरी रिर्पोट में जानिए वायरल दावे में कितनी सच्चाई है।

वायरल हो रहा दावा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर में दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश को दो या तीन हिस्सों में बांटने पर विचार हो रहा है। पूर्वांचल को एक अलग अलग राज्य बनाने पर मंथन किया जा रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विभाजन पर मंथन हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी की मीटिंग में इस मुद्दे पर सहमति बनने की चर्चा है। सीएम योगी की राष्ट्रपति के साथ भी मीटिंग होनेवाली है। इसके साथ ही दावे के साथ आगे लिखा गया है कि इसी संदर्भ में एके शर्मा की यूपी में तैनाती की गई है। जानकार सूत्रों ने बताया कि अगर पूर्वांचल बना तो योगी का घर गोरखपुर भी नए राज्य में आएगा। इसके साथ ही अयोध्या, काशी और मथुरा भी अलग-अलग राज्यों में आ जाएंगे।

केवल इतना भर नही वायरल पोस्ट में आगे लिखा है, “इससे पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने नवंबर 2011 में प्रपोजल तैयार किया था और यूपी को चार हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव भेजा था। तब यूपी को चार राज्यों पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश आदि में बांटे जाने का प्रस्ताव था। लेकिन सपा सरकार बनने के बाद यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। अब एक बार फिर केंद्र सरकार गंभीरता से इस मामले में विचार कर रही है। यूपी विधानसभा में सीएम योगी के पास पूर्ण बहुमत है, जबकि लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत है। ऐसे में प्रस्ताव को पास करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।”

जानिए वायरल दावे की सच्चाई
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस खबर जब सरकार के कानो तक गूंजी तो केंद्र सरकार की सूचना एजेंसी पीआईबी ( press information bureau ) को लगी तो इसकी पड़ताल कर इसे फेक यानी फर्जी बताया गया है। पीआईबी की फैक्ट चेक टीम (PIBFactCheck) ने ट्वीट कर लिखा, “एक खबर में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश को 2-3 हिस्सों में विभाजित करने और पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने पर विचार कर रही है। यह दावा फर्जी है। केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश के अलग हिस्से करने से संबंधित कोई विचार नहीं कर रही है।”

पीआईबी ( press information bureau ) ने ट्वीट कर स्पष्ट कर दिया है की, उत्तर प्रदेश के विभाजन की फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। सोशल मीडिया में वायरल हो रही खबर झूठी है और भ्रम फैलाने के लिए इसे वायरल किया जा रहा है।

ऐसे करें फैक्ट चेक
अगर आपको भी कोई ऐसा मैसेज मिलता है तो फिर आप भी उसको पीआईबी के पास फैक्ट चेक के लिए https://factcheck.pib.gov.in/ अथवा व्हाट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भेज सकते हैं। यह जानकारी पीआईबी की वेबसाइट https://pib.gov.in पर भी उपलब्ध है।

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