भारतीय शोधकर्ताओं ने ऊर्जा भंडारण में लिथियम आयन बैटरी के लिए विकसित किया तापीय स्थिर ठोस इलेक्ट्रोलाइट

नई दिल्ली, 09 अक्टूबर (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय): भारतीय शोधकर्ताओं ने ऊर्जा भंडारण में लिथियम आयन बैटरी के लिए एक तापीय स्थिर ठोस इलेक्ट्रोलाइट विकसित किया है जो 30 से 500 डिग्री सेल्सियस तापमान के एक विस्तृत दायरे में उपयोग के लिये संभावनायें प्रदान करता है।

इस दिशा में, भौतिकी विभाग, बिट्स पिलानी, पिलानी कैंपस के डॉ अंशुमान दलवी के नेतृत्व में शोधकर्ताओं के एक समूह ने लीथियम प्लस आयन बैटरी और सुपर केपैसिटर के लिए तापीय स्थिर ठोस इलेक्ट्रोलाइट्स के रूप में ठोस-अवस्था में ऊर्जा भंडारण उपकरणों को विकसित किया है, और अत्याधुनिक सुविधाओं का उपयोग करके उनकी दक्षता और उनकी स्थिरता का परीक्षण किया है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार के द्वारा स्थापित एफआईएसटी कार्यक्रम द्वारा समर्थित एक्सआरडी फैसिलिटी ने चल रहे शोध कार्य को मिश्र पदार्थ की उच्च तापमान पर उच्च रेजोल्यूशन के साथ जांच के लिये बुनियादी ढांचागत सहायता प्रदान करके एक नया आयाम दिया है। यह काम ‘मैटेरियल्स रिसर्च बुलेटिन इन 2021’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।  

टीम ने डीएसटी एफआईएसटी-समर्थित हाई टेंपरेचर एक्स-रे डिफ्रेक्शन (एचटीएक्सआरडी) फैसिलिटी रिगाकू स्मार्टलैब का उपयोग किया है, जो विशेष रूप से नये ठोस इलेक्ट्रोलाइट्स की तापीय स्थिरता के मूल्यांकन के लिए उपयोगी है। एक्सआरडी पैटर्न मूल स्थिति में 500 डिग्री सेल्सियस तक प्राप्त किये गये थे। अब, उच्च तापमान पर काम करने के लिए बैटरी और सुपरकेपैसिटरविकसित किये जा रहे हैं।

इसके अलावा, नमूने इलेक्ट्रिक डबल-लेयर (ईडीएलसी) सुपरकेपैसिटरके लिए इलेक्ट्रोलाइट्स के रूप में उपयोग किये जा रहे हैं। 10000 चक्र के लिये 200 एफ/जी के करीब की उच्च क्षमता और कम से कम 100 डिग्री सेल्सियस की तापीय स्थिरता प्राप्त की गयी है। ईडीएलसी का उपयोग एलईडी को सफलतापूर्वक बिजली देने के लिये किया गया था। ईडीएलसी को 200 डिग्री सेल्सियस पर कार्य करने के लिये तैयार किया जा रहा है।

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