Independence Day: आजादी के 75 स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जानिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कही गई मुख्य बातें…

देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले पीएम मोदी ने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की समाध राजघाट पर जाकर पुष्प अर्पित किये। वहीं इसके बाद जब पीएम लाल किला पहुंचे, तो वहां देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया। वहीं इससे पहले पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट में देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि, “आप सभी को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत बधाई। आजादी के अमृत महोत्सव का यह वर्ष देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार करे। जय हिंद! “लाल किले से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आजादी के दौरान शहीद हुए महापुरुषों को याद किया। इसके अलावा उन्होंने देश का मान बढ़ाने वाले लाल किले पर मौजूद ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए तालियां बजवाकर सम्मान किया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश के बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘वह दर्द सीने को छलनी करता है।’ उन्होंने कहा कि, हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी द्वारा कही गई मुख्य बातें; 

मोदी ने कहा- Reforms को लागू करने के लिए Good औऱ Smart Governance चाहिए। आज दुनिया इस बात की भी साक्षी है कि कैसे भारत अपने यहां गवर्नेंस का नया अध्याय लिख रहा है। मैं आज आह्वान कर रहा हूं, केंद्र हो या राज्य सभी के विभागों से, सभी सरकारी कार्यालयों से। अपने यहां नियमों-प्रक्रियाओं की समीक्षा का अभियान चलाइए। हर वो नियम, हर वो प्रक्रिया जो देश के लोगों के सामने बाधा बनकर, बोझ बनकर, खड़ी हुई है, उसे हमें दूर करना ही होगा।

पीएम मोदी ने कहा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की एक और विशेष बात है। इसमें स्पोर्ट्स को Extracurricular की जगह मेनस्ट्रीम पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया है। जीवन को आगे बढ़ाने में जो भी प्रभावी माध्यम हैं, उनमें एक स्पोर्ट्स भी है। ये देश के लिए गौरव की बात है कि शिक्षा हो या खेल, बोर्ड्स के नतीजे हों या ओलपिंक का मेडल, हमारी बेटियां आज अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं. आज भारत की बेटियां अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं।

पीएम मोदी ने बताया कि आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूं। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जाएं। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा।

मोदी ने कहा जिन संकल्पों का बीड़ा आज देश ने उठाया है, उन्हें पूरा करने के लिए देश के हर जन को उनसे जुड़ना होगा, हर देशवासी को इसे Own करना होगा. देश ने जल संरक्षण का अभियान शुरू किया है, तो हमारा कर्तव्य है पानी बचाने को अपनी आदत से जोड़ना। मैं भविष्य़दृष्टा नहीं हूं, मैं कर्म के फल पर विश्वास रखता हूं। मेरा विश्वास देश के युवाओं पर है। मेरा विश्वास देश की बहनों-बेटियों, देश के किसानों, देश के प्रोफेशनल्स पर है। ये Can Do Generation है, ये हर लक्ष्य हासिल कर सकती है।

पीएम मोदी ने कहा- Article 370 को बदलने का ऐतिहासिक फैसला हो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो, या फिर रामजन्मभूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान, ये सब हमने बीते कुछ वर्षों में सच होते देखा है। 21वीं सदी का आज का भारत, बड़े लक्ष्य गढ़ने और उन्हें प्राप्त करने का सामर्थ्य रखता है। आज भारत उन विषयों को भी हल कर रहा है, जिनके सुलझने का दशकों से, सदियों से इंतजार था।

मोदी ने कहा- भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र। मैं आज तिरंगे की साक्षी में National Hydrogen Mission की घोषणा कर रहा हूं। भारत की प्रगति के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए भारत का Energy Independent होना अनिवार्य है। इसलिए आज भारत को ये संकल्प लेना होगा कि हम आजादी के 100 साल होने से पहले भारत को Energy Independent बनाएंगे।

जम्मू कश्मीर और लद्दाख को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना, यही लोकतंत्र की असली भावना है। जम्मू हो या कश्मीर, विकास का संतुलन अब ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। जम्मू कश्मीर में डी-लिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है और भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयारी चल रही है। लद्दाख भी विकास की अपनी असीम संभावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है।

एक तरफ लद्दाख, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ‘सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी’ लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बनाने जा रही है। नॉर्थ ईस्ट पर सरकार की पॉलिसी को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, हमारा पूर्वी भारत, नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित पूरा हिमालय का क्षेत्र हो, हमारी कोस्टल बेल्ट या फिर आदिवासी अंचल हो, ये भविष्य में भारत के विकास का बड़ा आधार बनेंगे।

आज नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी का नया इतिहास लिखा जा रहा है। ये कनेक्टिविटी दिलों की भी है और इंफ्रास्ट्रक्चर की भी है। बहुत जल्द नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों की राजधानियों को रेलसेवा से जोड़ने का काम पूरा होने वाला है। पीएम मोदी ने कहा कि, पहले सरकार का लक्ष्य शत प्रतिशत घरों में शौचालयों के निर्माण करवाना था, अगले लक्ष्यों को कुछ ही वर्षों में पूरा करना है। अब हर घर जल मिशन के लिए तेजी से काम हो रहा है।

सिर्फ दो साल में साढ़े चार करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल से जल मिलना शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि, यह अमृत महोत्सव गौरव कल की ओर ले जाएगा। मोदी बोले, ‘अमृतकाल 25 वर्ष का है। लेकिन इतना लंबा इंतजार नहीं करना है। इसके लिए अभी से जुट जाना है। यही समय है, हमें खुद को बदलना होगा। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और अब सबका प्रयास, लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत जरूरी है।’

कोरोना काल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, सोचिए भारत के पास अगर अपनी वैक्सीन नहीं होती तो क्या स्थिति होती, पोलियो की वैक्सीन भारत को मिलने में कितना वक्त लग गया था। लेकिन आज हमें गर्व है कि सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। 54 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगवा चुके हैं। कोविन जैसी ऑनलाइन व्यवस्था, डिजिटल सर्टिफिकेट की व्यवस्था सबको आकर्षित कर रहा। भारत में जिस तरह 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देकर गरीब का चूल्हा जलते रखा है, वह काफी बड़ी बात है।

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