मौद्रीकरण के मामले में वित्त मंत्री ने राहुल गांधी पर किया पलटवार कहा- अब कौन है नई दिल्ली रेलवे स्टेशन मालिक, जीजा जी?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी संपत्तियों के मौद्रीकरण के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी किया पलटवार कहा कि राहुल गांधी को मौद्रीकरण के बारे में कुछ पता भी है ? यूपीए सरकार के दौरान यह योजना शुरू हुई थी। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि अगर राहुल को योजना पसंद नहीं, तो उन्होंने उस वक्त सरकार की इस योजना के कागज क्यों नहीं फाड़े ? उन्होंने ये सवाल भी दागा कि राहुल ने उस वक्त क्या इस वजह से मौद्रीकरण का विरोध नहीं किया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन वाली योजना उनके जीजा को मिली थी ? सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान निर्मला सीतारमण ने यह बातें कहीं।
बता दें की मौद्रीकरण के मसले पर बुधवार को राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने ‘इंडियाऑनसेल’ हैशटैग से हिंदी में ट्वीट किया, ‘पहले ईमान बेचा और अब..’ कांग्रेस ने भी इसी हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए सरकार पर अपने उद्योगपति मित्रों के फायदे के लिए देश की संपत्तियों के दोहन का आरोप लगाया था।
इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार पर सवाल उठाए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने पीएम मोदी के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी का नारा था कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ। वित्त मंत्री ने देश में जो भी 70 वर्षों में बना, उसे बेच दिया। राहुल ने आगे कहा कि 70 साल में तैयार की गई सरकारी संपत्ति को सरकार बेच रही है। 
इसके साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे कहा मोदी सरकार ने 1.6 लाख करोड़ का रोडवेज बेच दिया। देश की रीढ़ कही जाने वाली रेलवे को 1.5 लाख करोड़ में बेच दिया। गेल की पाइप लाइन, पेट्रोलियम की पाइपलाइन, बीएसएनल और एमटीएनल को भी केंद्र ने बेच दिया। वेयरहाउसिंग को भी केंद्र सरकार बेच रही है। साथ ही कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों की संपत्ति बढ़ रही है।
जिस पर निर्मला सीतारमण ने पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोगों की ही संपत्ति इस दौर में बढ़ी है। क्या उन्हें पता नहीं है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान क्या हुआ था। वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे कहा कि मौद्रीकरण में एक खास वक्त के बाद सरकार को संपत्तियां लौटा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पिछले 7 साल में इस सरकार पर अब तक एक भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। 
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) प्रोग्राम की शुरुआत की है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे रूट, स्टेडियम, वेयरहाउस, पावर ग्रिड पाइपलाइन जैसी सरकारी बुनियादी ढांचा संपत्तियों को निजी क्षेत्र को कमाई के लिए लीज पर देकर केंद्र की मोदी सरकार करीब 6 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्री के अनुसार, इन एसेट का ओनरश‍िप सरकार के पास ही रहेगा, बस इन्हें कमाने के लिए ही पार्टियों को दिया जाएगा, जिसे वे कुछ साल के बाद वापस कर देंगे।

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