अगर आप भी है लीची के शौकीन…तो हो जाइए सतर्क, फायदे के साथ हो सकते हैं ये नुकसान

अमूमन सभी लोग लीची (lychee fruit) खाते ही होंगे। यह बहुत ही मीठी और स्वादिष्ट होती है। बच्चे हों या वयस्क, सभी लोग लीची खाना पसंद करते हैं। लीची एक ऐसा फल है जिसको पेड़ पर उगने वाला रसगुल्ला कहा जाता है। अक्सर इसकी खुशबू के कारण लीची को कॉकटेल और व्यंजनों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है। लीची में विटामिन सी, विटामिन बी6, नियासिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, तांबा, पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और मैंगनीज सहित खनिज और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा लीची आहार फाइबर (dietary fiber), प्रोटीन और पॉलीफेनॉलिक यौगिकों का अच्छा स्रोत है।

आयुर्वेद में लीची सिर्फ अपने मधुर स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अनेक औषधीय गुणों के कारण भी जाना जाती है। लीची गर्म प्रकृति वाली फल है, जो गठिया के दर्द, वात तथा पित्त दोष को कम करती है।

अन्य भाषाओं में लीची के नाम 
लीची का वैज्ञानिक नाम लीची चिनेन्सिस (Litchi Chinensis) है। कन्नड़ (Kannada) में लीची को लीची हन्नु (Lichi hannu) के कहा जाता है। वहीं तमिल (Tamil) मे लीची के इलायची (Ellaichi) कहा जाता है।

लीची में मौजूद पोषक तत्व
लीची में विटामिन सी, विटामिन बी6, नियासिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, तांबा, पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और मैंगनीज सहित खनिज और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा लीची आहार फाइबर (dietary fiber), प्रोटीन और पॉलीफेनॉलिक यौगिकों का अच्छा स्रोत है।

लीची खाने के फायदे:-

कैंसर – लीची कार्बनिक यौगिकों का एक समृद्ध स्रोत है, इसलिए इसका उपयोग विभिन्न कैंसर के प्रभावी निवारक उपाय के रूप में किया जा सकता है। 
प्रतिरोधक क्षमता – लीची का फल और उसकी पत्तियां दोनों ही कैंसर से लड़ने में सहयोगी होते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता होने से ये शरीर को रोगों से दूर रखने में मदद करती है। 
टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद – लीची में ऑलिगनॉल, फाइबर और पानी होने के कारण ये शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करती है। जिससे वजन भी कम होता है। 
बाल – लीची का बाहरी उपयोग बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। आप अपने बालों के लिए कंडीशनर के रूप में लीची की लुगदी का उपयोग करना शुरू करें।
शरीर में एनर्जी- रोजाना 4 से 5 लीची खाने से एनर्जी मिलती है। गर्मियों में लीची शरीर में तरावट बनाए रखती है। अगर आप घर से बाहर जा रहे हैं तो आप 4 से 5 लीची खा सकते हैं।
हृदय – लीची में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। यह रक्त को पंप करने के लिए आपके दिल पर दबाव डालता है जिससे समग्र हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। 
यौन इच्छाएं – लीची मनुष्य में यौन इच्छाओं को बढ़ा सकती है। लीची को कामेच्छा को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता है क्योंकि पोटेशियम, तांबा और विटामिन सी जैसे महत्वपूर्ण घटकों की प्रचुरता होती है।
वजन कम करने – कम कैलोरी फल होने के कारण, लीची उन लोगों के लिए आदर्श होती है जो वजन को कम करने की की कोशिश कर रहे हैं। लीची में बहुत अधिक कैलोरी नहीं होती है। 100 ग्राम लीची में केवल 66 कैलोरी शामिल है।
मोतियाबिंद – लीची मोतियाबिंद को रोकने की क्षमता रखती है। लीची में फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो एंटीऑक्सिडेंट और एंटीनाइपलास्टिक गुणों से भरपूर होते हैं जिससे मोतियाबिंद को रोकने में मदद मिलती है।
त्वचा – सनबर्न दर्द और जलन पैदा कर सकता है और विटामिन ई के साथ परिपूर्ण लीची लगाने से आपकी सूजन वाली त्वचा को शांत करने में मदद मिल सकती है। दाग धब्बों को दूर करने के लिए लीची के जूस को दाग-धब्बों पर लगाने से निशान दूर हो जाते हैं।

लीची खाने के नुकसान:-
पेट की समस्या – लीची खाने के कारण पेट की समस्या होने का खतरा भी रहता है। जैसे कब्ज और दस्त की समस्या होना।  
एलर्जी – लीची उन लोगों में एलर्जी का कारण बन सकती है जिन्हें बर्च, सूरजमुखी के बीज और एक ही परिवार के अन्य पौधों, मगवॉर्ट और लेटेक्स से एलर्जी है।
डायबिटीज – लीची का अर्क ब्लड शुगर के स्तर को कम कर सकता है। यदि आपको डायबिटीज है और लीची खा रहे हैं तो लगातार ब्लड शुगर मॉनिटर करते रहे।
गर्भावस्था और स्तनपान – गर्भवती या स्तनपान कराने के दौरान लीची का उपयोग करना सुरक्षित है या नहीं। इस बात पर रिसर्च चल रही हैं। लेकिन खुद को सुरक्षित रखने के लिए लीची का सेवन ना करें। 
गले में खराश – लीची बेहद गर्म होती है जिसकी वजह से गले में खराश होने की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा लीची खाने पर आपके गले में खराश के साथ-साथ गले में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाएगा।
वजन का बढ़ना – अगर आप भी वजन कम करने की कोशिश कर रहें हैं, तो लीची खाना कम कर दें। लीची में चीनी बेहद अधिक मात्रा में होती है, जिसकी वजह से आपका वजन बढ़ता है। साथ ही लीची में कैलोरी भी होती है, जिसके कारण शरीर में फैट इकट्ठा होता है।
ऑटो इम्यून डिजीज – बहुत अधिक लीची खाने से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। साथ ही इम्यून सिस्टम हाईपरएक्टिव भी हो जाता है। जिसके कारण इम्यून डिजीज होने की आशंका होती है। इसके साथ ही रूमेटाइड अर्थराइटिस और ल्यूपस जैसी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।

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