अगर आप भी एक किसान है तो जल्द करवाएं यहां अपना रजिस्ट्रेशन… सरकार देगी 7000 रुपए

हरियाणा सरकार एक बार फिर किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। हरियाणा सरकार ने किसानों को कम पानी से पकने वाली फसलों के प्रति प्रोत्साहित करने और गिरते भू-जलस्तर को रोकने के लिए कृषि विभाग के अंतर्गत मेरा पानी मेरी विरासत ( Mera pani meri virasat) नाम से एक योजना का आरंभ कर रही है। स्कीम के अनुसार मक्का, कपास, खरीफ तिलहन, खरीफ दालें, चारा वाली फसलें (Crops) एवं बागवानी की फसलों को गत वर्ष के धान के खेतों में उगाने पर सात हजार रुपए प्रति एकड़ का अनुदान देने का प्रावधान किया है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान 25 जून तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। इस योजना का लाभ पाने हेतु इच्छुक किसान अपने क्षेत्र के खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क करके रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। 25 जून 2021 के बाद इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हरियाणा सरकार की इस स्कीम के तहत 7000 रुपए प्रति एकड़ अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। पिछले साल इस योजना (Scheme) के तहत किसानों ने 96000 एकड़ में धान की बजाय अन्य फसलों की बिजाई की थी।
प्रशासन की ओर से कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस स्कीम की प्रोत्साहन राशि से संबंधित किसी भी आवेदन के संबंध में कोई शिकायत न आए। आवेदक की भरी गई डिटेल की वेरीफिकेशन समय से करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

‘खेती खाली-फिर भी खुशहाली’ 
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पानी बचाने के लिए ‘खेती खाली-फिर भी खुशहाली’ नारे के साथ किसानों को तोहफा दिया है। मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम के तहत 7000 रुपये (Rupees) की प्रोत्साहन राशि उन किसानों को भी दी जाएगी जो धान (Paddy) की फसल के समय अपने खेतों को खाली रखेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान 25 जून 2024 तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। 25 जून 2021 के बाद इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इन किसानों को मिलेंगे 10 हजार रुपये ( प्रति एकड़) 
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मुताबिक जो भी किसान एग्रो फोरेस्टी करता है और अपनी जमीन पर 400 पेड़ लगाता है तो उसको हरियाणा सरकार 10,000 रुपये तीन वर्ष तक देगी। इसके साथ ही धान की रोपाई बंद करके अन्य फसल बोने पर सरकार ने प्रति एकड़ 7000 रुपये देने का निर्णय लिया है।

ऐसे मिलेगा लाभ
इस योजना के लिए किसानों (Farmers) को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा (my crop my details) एवं मेरा पानी-मेरी विरासत ( Mera pani meri virasat) पोर्टल पर प्रति एकड़ फसल की विस्तृत जानकारी डालनी होगी। यह जानकारी अपलोड किए जाने के बाद विभाग वेरीफिकेशन करेगा।

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