अगर आप भी करते हैं कच्चे प्याज का सेवन तो हो जाएं सावधान हो सकते है साल्मोनेला के शिकार, जानिए लक्षण और बचाव

अगर आप भी दाल – चावल और सलाद वगैरह के साथ कच्चा प्याज खाने के शौकीन हैं तो आपको आज से ही अपने शौक को बदलना होगा। क्योंकि कच्चा प्याज खाने से आप साल्मोनेला के शिकार बन सकते है। जी, हां यह दावा सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC ) ने किया है। बता दें साल्मोनेला बैक्टीरिया से फैलने वाली खतरनाक बीमारी है। अगर यह बैक्टीरिया ब्लड स्ट्रीम में पहुंच गए, तो निश्चित तौर पर यह मास्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के ऊतकों, हार्ट, बोन, बोन मैरो और ब्लड वेसेल्स की लाइनिंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसके अलावा साल्मोनेला में व्यक्ति को कई महीनों तक जोड़ों में दर्द भी महसूस हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि लाल, सफेद और पीले रंग की प्याज इस प्रकोप के लिए दोषी है। साल्मोनेला ने अमेरिका मे दहशत वाला माहौल बनाकर रखा हैं। अमेरिका का हर दूसरा नागरिक इसका शिकार बन चुका है। इससे पहले आप भी इसका शिकार बन जाएं आइए जानते हैं आखिर क्या है साल्मोनेला, इसके लक्षण,बचाव के उपाय….

क्या है साल्मोनेला

साल्मोनेला संक्रमण (साल्मोनेलोसिस) एक आम बैक्टीरियल बीमारी है जो आंतों को प्रभावित करती है। साल्मोनेला बैक्टीरिया खासकर जानवरों और मनुष्य की आंत में होता है और यह संक्रमित व्यकित के मल द्वारा फैलता है। यह भोजन से जुड़ी बीमारियों का भी कारण बनता है। इस बैक्टीरिया से दूषित खाद्य पदार्थ खाने से व्यक्ति की आंतें बुरी तरह से प्रभावित होती हैं, जिससे पेट से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

साल्मोनेला बैक्टीरिया से संक्रमित पानी या संक्रमित खाने से मनुष्य भी इन्फेक्टेड हो जाता है। कभी-कभी जो लोग साल्मोनेला इन्फेक्शन से पीड़ित होते हैं उन्हें किसी भी तरह के लक्षण नहीं होते। साल्मोनेला इन्फेक्शन से पीड़ित कुछ लोगों को 8 से 72 घंटे के बीच में दस्त, बुखार और पेट दर्द होने लगता है। पूरी तरह से स्वस्थ लोगों इलाज की मदद से कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। 

साल्मोनेला बैक्टीरिया के लक्षण

साल्मोनेला बैक्टीरिया के लक्षण कुछ घंटे या फिर 2 से 3 दिन के भीतर नजर आ सकते हैं। कई साल्मोनेला इन्फेक्शन को पेट में इन्फेक्शन माना जा सकता है। इसमें व्यक्ति को पेट में दर्द, मतली, उल्टी, दस्त, बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, मल में खून आना शामिल है।

साल्मोनेला का इलाज 

साल्मोनेला बैक्टीरिया में उलटी और डायरिया की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। यही वजह है कि इस इन्फेक्शन से पीड़ित रोगी को ग्लूकोज़ चढ़ाने के साथ तरल पदार्थ और इलेकट्रोलाइट दिए जाते हैं। कुछ गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने और नसों के जरिए द्रव चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। साथ ही, डॉक्टर आपको कुछ अन्य ट्रीटमेंट की भी सलाह दे सकते हैं।

जैसे – दस्त रोकने वाली दवाओं के लिए आप लोपेरामाइड (loperamide) का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे दर्द से छुटकारा मिलेगा। अगर साल्मोनेला बैक्टीरिया आपके रक्त में चला जाए या फिर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाए तो ऐसे में डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक दवाए दे सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पहले अगर उन्हें अच्छी तरह से धो लिया जाए तो इस तरह के संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।

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