कैसी हैं महाकुंभ 2021 की तैयारियां ? आइये डालते हैं एक नजर

महाकुंभ – 2021 के शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन का समय रह गया है. आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं. शाही स्नान की भी तिथियां सामने आ गई है और अब बस सभी को इंतजार है महाकुंभ के शुरू होने का.  हरिद्वार में इस बार चारों और भगवा ही भगवा दिखाई देने वाला है और गंगा के किनारे होने वाले इस आयोजन पर पुरी दुनिया की नजरे अभी से टिक गई है. तैयारियां जौरों पर हैं और उत्तराखण्ड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार महाकुंभ के आयोजन को सफल बनाने मे कोई कसन नहीं छोड़ना नहीं चाहती है. लेकिन साधु संतो की सबसे बड़ी संस्था अखाड़ा परिषद हरिद्वार मे कुंभ की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार से नाराज है. इन सब के बीच आईये नजर डालते हैं हरिद्वार में महाकुंभ की तैयारियों पर –

भगवामय नजर आएगा हरिद्वार  

हरिद्वार में महाकुंभ मेले को लेकर उत्साह साफ नजर आता है. हरकी पौड़ी का अनुपम नजार और भगवान की भक्ति में लीन श्रद्धालु को देखकर मन और भी प्रसन्न हो जाता है. हरिद्वार में इस बार हर तरफ भगवा दिखाई देगा. गंगा नदी के ऊपर बने पुल को पूरी तरह भगवा रंग में रंगा गया है. यहां पुलों पर रंग बिरंगी आकृतियां और भगवान की तस्वीरें गंगा के घाटों के आसपास के दृश्य बेहद भव्य होंगे.

चंडी घाट पर बनाया गया हैं नया घाट

जैसा की आपको बता है कि हर बार कुम्भ में करोड़ों लोग नदियों के किनारे इकट्ठे होते हैं. जैसा की इस बार कुंभ का आयोजन हरिद्वार में हो रहाहै तो हरिद्वार में प्रयाग की तरह खुली हुई जगह नहीं है. इसलिए हरिद्वार के चंडी घाट पर नया घाट बनाया गया है और जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को हर की पौड़ी की जगह चंडी घाट पर स्नान कराकर आगे भेजा जा सकता है.

रंग बिरंगी पैंटिग से पटी नजर आएंगी हरिद्वार की  दिवारें

हरिदवार में आने वाले हर शख्स जब किसी सड़क या गली से गुज़रेगा तो उसे दीवारों पर रंग बिरंगी पेंटिंग दिखाई देगी औऱ ये पेंटिंग बनाने का काम आर्ट्स के स्टूडेंट्स को दिया गया है. अभी तक जितने भी पेंटिंग्स बने है उनको देखकर मन प्रसन्न हो जाता है. मिली जानकारी के मुताबिक इन पैंटिग्स को बनाने का कार्य पिछले 1 साल से चल रहा है.

महाकुंभ की तैयारियों से क्यों नाराज हैं संत ?

उत्तराखण्ड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार हरिद्वार महाकुंभ के आयोजने में लगी हुई है और सरकार का दावा है कि इस महाआयोजन को सफल बनाने के लिए वो कोई कसन नहीं छोड़ेगी. इस बीच साधु संतों की सबसे बड़ी संस्था अखाड़ा परिषद का कहना है कि कुम्भ भगवान भरोसे हो रहा है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी हरिद्वार के महाकुंभ की तुलना प्रयागराज में 2019 में हुए कुम्भ से करते हुए कहा कि जैसा आयोजन प्रयाग में हुआ था, वैसा आयोजन करना त्रिवेंद्र रावत सरकार के लिए सम्भव नहीं है. अखाड़ा परिषद का दावा है कि कुम्भ की तैयारियां सही से नहीं हो रही हैं.

वहीं सरकार का दावा है महाकुंभ की तैयारियां जारी हैं और समय पर ये पूरी हो जाएंगी.

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