28 घंटों से सीतापुर में हाउस अरेस्ट प्रियंका गांधी ने अनशन का किया ऐलान, कहा- किसानों से बिना मिले कहीं नही जाऊंगी

लखीमपुर में हुई हिंसा को लेकर सियासत थमती नजर नहीं आ रही है। दरअसल पिछले 28 घंटों से सीतापुर में हाउस अरेस्ट प्रियंका गांधी ने ऐलान किया है कि पुलिस उन्हें जब भी छोड़ेगी वह किसानों से मिलने लखीमपुर जरूर जाएंगी। प्रियंका ने हाउस अरेस्ट होने के दौरान अनशन भी शुरू कर दिया है और किसान परिवारो से मुलाकात होने तक अन्न ग्रहण नहीं करने का ऐलान किया है।

वहीं सरकार और किसानों के बीच हुए समझौते पर प्रियंका ने कहा कि दबाव के चलते सरकार को मुआवजे की घोषणा करनी पड़ी। यदि हम लोग लखीमपुर के लिए न निकलते तो ऐसा नहीं होता।
उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को रोकने के लिए इतनी पुलिस लगाई है तो किसानों की सुरक्षा के लिए क्यों नहीं लगाई? किसान सड़क पर बैठा है, सरकार उन पर अत्याचार कर रही है।

पुलिस-प्रशासन का रवैया यह दिखाता है कि ये किस हद तक जाएंगे। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि हम सिर्फ पांच लोग एक गाड़ी पर थे। लखीमपुर के बार्डर पर पहुंचे तो पुलिसवालों ने हमें रोक कर हाथापाई की और गाड़ी की चाबी निकाल ली। मैंने पूछा कि किस कानून के तहत मुझे रोका जा रहा है? मेरे सांसद दीपेन्द्र हुड्डा को धक्का दिया गया, मेरे बाकी साथियों को गाड़ी में ठूंसा गया। मेरे साथ भी यही किया गया।

बहरहाल इस बीच लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल लखीमपुर मामले में किसानों और प्रशासन के बीच बात बन गई है। योगी सरकार ने घटना में मारे गए 4 किसानों के परिवारों को सरकार 45 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देना की घोषणा की है।

वहीं घायलों को योगी सरकार 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज मामले की जांच करेंगे। यूपी के ADG (क़ानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मीडिया से बात करते हुए ये जानकारी दी हैं। 

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