इस तरह अलग हुई हीरो और होंडा, जानिए पूरी कहानी

हीरो होंडा का नाम किसे नहीं पता l शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसे हीरो होंडा मोटरसाइकिल के बारे में पता नहीं होगा l हालांकि होरो और डोंडा अब अलग हो गई है और दोनों ही कंपनिया अपनी – अपनी बाइक बनाती हैl होरो होंडा की कहानी की शुरूआत 1984 में तब हुई थी जब भारत की साइकिल बनाने वाले कंपनी हीरो ने जापान की बाइक बनाने वाली  कंपनी डोंडा से साझेदारी की थीl हीरो भारत की एक साइकिल बनाने वाली कंपनी थी जिसकी नींव बृजमोहन मुंजाल ने साल 1956 में रखी थीl समय के बीतने के साथ ही हीरो भारत ही नहीं दुनिया भर में साइकिल बनाने वाली बड़ी कंपनियों में शुमार हो गईl हीरो कंपनी द्वारा बनाए गए साइकिल काफी लोकप्रिय हुए और कंपनी को इससे काफी फायदा हुआl लेकिन समय के बीतने के साथ ही हीरो कंपनी ने देखा की जमाना अब टू व्हीलर बाइक्स (मोटरसाइकिल) का है तो कंपनी ने मोटर साइकिल बनाने की सोचीl लेकिन हीरो कंपनी की समस्या ये थी उनके पास बाइक का इंजन बनाने की तकनीक ही नहीं थीl दुनिया भर में साइकिल से ज्यादा बाइक्स लोकप्रिय हो रही थी और लोग मोटरसाइकिल के दीवाने हो गए थेl

इसका कारण था रफ्तार और कम मेहनतl हालांकि बाइक का इंजन बनाने की तकनीक न होने ने हीरो कंपनी के बाइक बनाने की  दिशा में अड़चन पैदा कर दी थी लेकिन कंपनी ने इसका हल भी निकाल लिया l टू व्हीलर बाइक्स (मोटरसाइकिल) बनाने के लिए जरूरत थी इंजन की जिसके लिए हीरो कंपनी ने जापान की मोटरसाइकिल कंपनी होंडा से इंजन के लिए करार कियाl दोनों कंपनी ने एग्रीमेंट पर साइन किए और फैसला हुआ की हीरो कंपनी बाइक के पार्टस बनाएगा और होंडा इंजन बनाएगी l साथ ही इस बात का करार भी इस एग्रीमेंट में हुआ की दोनों ही कंपनियां एकदूसरे के मुकाबले कोई बाइक बाजार में नहीं उतारेगीl साथ ही इस बात का भी करार हुआ की हीरो विदेशी बाजार में बाइक एक्सपोर्ट नहीं करेगी l इस एग्रीमेंट के बाद हीरो और होंडा साथ आए और भारत में हीरो होंडा नाम से बाइक बाजार में उतारी गईl हीरो होंडा बाइक काफी प्रचलित हुईl इसकी कारण था इसकी कीमत और माइलेजl इस तरह हीरो और होंडा साथ आए और भारत में हीरो होंडा नाम से बाइक बाजार में उतारी गईl

होरो और होंडा के साथ आने के बाद कंपनी ने हीरो ” होंडा सीडी 100 ” के नाम से पहली बाइक बाजार में उतारी जो काफी प्रचलित हुई l लोग इस बाइक के दीवाने हो गएl कंपनी द्वारा इसका प्रचार प्रसार भी किया गयाl लोगों द्वारा इस बाइक को पसंद किए जाने के दो कारण थे एक तो इसकी कीमत और दूसरी इसकी माइलेज l ये दोनों कारण ही लोगों के अनुरूप थेl कंपनी ने इस बाइक को लेकर उस समय टैगलाइन जारी किया था ” Fill it, Shut it , Forget it “l इस बाइक से हीरो होंडा कंपनी ने खूब फायदा कमाया और इस तरह साइकिल बनाने वाली कंपनी हीरो ने होंडा के साथ करार कर बाइक बनाने की दिशा में नए मुकाम हासिल किएl लेकिन समय के साथ सबकुछ ठीक नहीं रहा l हीरो अपनी बाइक्स को अंतराष्ट्रीय बाजारों में बेचना चाहती थी पर होंडा से कान्ट्रेक्ट के बंधन में बंधने के कारण वो मजूबर थीl हालांकि हीरो होंडा को नेपाल, बांग्लादेश और भूटान जैसै देशों में बेचने की परमिशन थीl लेकिन कंपनी के लिए ये काफी नहीं थीl

वहीं होंडा अंतराष्ट्रीय बाजार में तेजी से अपनी बाइक बेचक मुनाफा कमा रहा था लेकिन भारत की कंपनी हीरो बंधनों में बंधी हुई थीl इस तरह इन दोनों कंपनियों के आपसी रिश्तों में दरार आने लगीl अब अगर होरो होंडा से अलग होकर बाइक की इंजन बनाने के बारे मे सोचता भी तो उसके सामने परेशानी ये थी की वो इंजन के लिए उस समय पूरी तरह होंडा पर निर्भर था l इसके बाद कंपनी ने बाइक की इंजन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू किया l हीरो ने इस दरमियान होंडा से मिलने वाले मुनाफे के एक हिस्से को इंजन मेन्यूफैक्चरिंग पर खर्च करने लगाl हीरो के इस कदम को लेकर हीरो और होंडा के बीच दरार और गहरी होने लगीl जैसा की इन दोनें कंपनियों ने टाइअप के समय एनओसी साइन किया था कि ये दोनों ही कंपनियां एकदूसरे के खिलाफ बाइक लॉन्च नहीं करेंगी लेकिन होंडा ने इस करार को नजरअंदाज करते हुए साल 1999 में होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया स्टार्ट कर दी जो कि होंडा की एक सैपरेट कंपनी थीl

होंडा के इस कदम ने आग में घी डालने का काम किया l डोंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने उसी प्राइस पर बाइक और स्कूटर बनानी शुरू कर दी जिस प्राइस पर हीरो कंपनी बाइक और स्कूटर बना रही थीl इस तरह हीरो होंडा के ग्राहक डिवाइड हो गएl इस तरह डोंडा ने एक्टिवा को लॉन्च कर स्कूटर के क्षेत्र में भी कदम रख लिया था l इस तरह डोंडा को हीरो होंडा और अपनी सैपरेट कंपनी दोनो से ही फायदा होने लगाl इन्हीं कारणों से हीरो ने होंडा से अलग होने का फैसला लिया और साल 2010 में दोनों कंपनियां अलग हो गईl  अलग होने के समय हीरो होंडा में दोनो कंपनियों के 26 -26 % शेयर थेl होंडा कंपनी ने अपने हिस्से के 26% शेयर को हीरो को ही बेच दिया जिसके बाद होरो कंपनी के मालिक बृजमोहन मुंजाल ने अपना कारोबार हीरो मोटकार्प के नाम से आगे बढ़ायाl अब वर्तमान ने दोनो कंपनिया एकदूसरे से अलग होकर अपनी – अपनी बाइक बनाती है और दोनों ही कंपनियां आगे बढ़ रही हैl अब हीरे के नाम से अलग और होंडा के नाम से अलग – अगल बाइक देखने को मिलती हैl

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