हरियाणा सरकार ने 11.40 लाख परिवारों को हर महीने पैसे देने का फैसला किया है…जानिए किसे और क्यों मिलेंगे पैसे

हरियाणा सरकार के द्वारा एक अहम फैसला लिया गया है जिसमें सस्ते राशन डिपो पर तेल नहीं बेचने का निर्णय लिया गया है। अब इसके बदले सरकार ने गरीब लोगों को पैसे देने का फैसला किया है। जिससे लोग बाजार से खुद ही सामान खरीद सकें। हरियाणा सरकार के मुताबिक, जून -2021 में हैफेड की ओर से सरसों तेल (Mustard oil) उपलब्ध नहीं हो सका है। इस वजह से इस महीने लाभार्थियों को राशन डिपुओं के माध्यम से सरसों तेल का वितरण नहीं किया जा सकता। हरियाणा सरकार ने अनुसार लॉकडाउन (lockdown) के कारण सप्लायर नमक की 1 किलोग्राम की पैकिंग की व्यवस्था नहीं कर पाया। जिस कारण माह जून -2021 में नमक भी वितरित नहीं करवाया जाएगा। नमक पर हरियाणा सरकार की ओर से कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है। सरकार द्वारा नमक (Salt) को थोक में खरीदकर लाभार्थियों को सस्ते दामों पर वितरित किया जाता है। नमक सप्लाई का काम कान्फैड करती है। नमक की 1 किलोग्राम की पैकिंग उपलब्ध होते ही इसका वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने कहा-सरसों का बाजार में अधिक दाम (Mustard Price) मिल रहा है। इस कारण किसानों ने सरसों को बाजार में ही लगभग 6500 से 7000 प्रति क्विंटल के हिसाब से बेच दिया है। इस साल सरसों का रेट ऑनलाइन मार्केट में 7900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. जबकि एमएसपी 4650 रुपये है। इसलिए ज्यादातर किसानों ने खुले बाजार में सरसों बेचा है। सरकार बहुत कम सरसों खरीद पाई है। इसलिए हैफेड (Haryana State Co-operative Supply and Marketing Federation Limited) के पास सरसों की अनुपलब्धता हो गई है। सरसों नहीं मिला तो तेल भी उपलब्ध नहीं हो सका। इसलिए अब राज्य सरकार ने जून से लाभार्थियों को सरसों तेल पर दिया जाने वाला अनुदान सीधे बैंक में देने का फैसला किया है।

कितने लोगों को मिलेगा पैसा
राज्य सरकार के इस निर्णय से 11,40,748 परिवारों को सीधे तौर पर अपने बैंक खाते में सरसों तेल का पैसा मिलेगा। सरकार प्रति परिवार दो लीटर सरसों का तेल देती थी। उसके बदले अब 250 रुपये मिलेंगे। यह प्रक्रिया हैफेड के पास सरसों उपलब्ध होने तक जारी रहेगी। सरसों की उपलब्धता के लिए सरकार प्रयासरत है।

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