हरिद्वार महाकुंभ : 60 नहीं अब इतने दिन का हो सकता हैं कुंभ मेला, त्रिवेंद्र सरकार ने लिए अहम फैसले

कोरोना महामारी के बीच उत्तराखण्ड सरकार के लिए हरिद्वार महाकुंभ – 2021 का आयोजन एक चुनौती हैं. राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार जमकर कुंभ मेंले की तैयारियों में लगी हुई हैं. उत्तराखण्ड सरकार कोरोना को ध्यान में रखकर कुंभ मेले का आयोजन कर रही हैं. कोविड़ -19 के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने अब हरिद्वार कुंभ का आयोजन सीमित और कम अवधि के लिए करने का फैसला लिया हैं. दरअसल, राज्य सरकार कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती. राज्य सरकार जल्द् ही हरिदावार कुंभ के मद्देनजर एसओपी जारी करने जा रही हैं. इस एसओपी के बारे में कहा जा रहा हैं कि ये एसओपी केंद्र सरकार की एसओपी से अधिक सख्त हो सकती हैं.  अब तक ये मानकर चला जा रहा था कि हरिद्वार में आयोजित होने जा रहा  कुंभ मेला 2 महीने यानि 60 दिनों का होगा पर  ऐसा नहीं हैं. कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इस बार कुंभ मेला 48 दिनों का ही हो सकने के आसार नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही राज्य सरकार केंद्र सरकार से कुंभ मेले के लिए स्पेशल ट्रेनें न चलाने का आग्रह करेगी. खबरों की माने तो राज्य सरकार चाहेगी कि रेल मंत्रालय श्रद्धालुओं को लाने के स्थान पर श्रद्धालुओं को कुंभ मेले से ले जाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाए. साथ ही उत्तराखण्ड सरकार की केंद्र सरकार से मांग रहेगी की मुख्य स्नान से एक दिन पहले कोई स्पेशल ट्रेन न चलाई जाए. इसके अलाव कोरोना कुंभ में कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फरवरी के पहले हफ्ते में बात करेंगे. इस दौरान वे राज्यों से कुंभ मेले में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने के संबंध में सहयोग की अपील करेंगे. गौरतलब है कि कोरोना के कारण पिछले वर्ष और वर्तमान समय में सभी चिजों को ध्यान में रखकर ही किसी आयोजन को किया जा रहा हैं.

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