किसी औषधि से कम नहीं आंवले की गुठली, जाने इसके चमत्कारी फायदे

आंवले का सेवन तो आपने बहुत बार किया होगा इसका उपयोग स्वाद और सेहत के लिए, सब्जी, अचार, मुरब्बा और चूर्ण के रूप में लगभग सभी लोग करते हैं। परन्तु क्या आपने कभी इसकी गुठली का सेवन किया है, और क्या आपको मालूम है छोटा सा नजर आने वाले आंवले की गुठली भी किस तरह सेहत को ढेर सारे फायदे पहुंचती है? यदि नहीं, तो चलिए यहां जानते हैं कि आंवले की गुठली आपकी सेहत को सुधारने में किस तरह से मददगार सिद्ध हो सकती है।  

 1. त्वचा रोग: आंवले की गुठली प्रयोग शरीर में अक्सर हो जाने वाले दाद-खाज और खुजली जैसे त्वचा रोग से जल्द ही छुटकारा दिलाने में एक बेहतरीन उपाय है। इसके लिए आंवले की गुठली का चूर्ण बनाकर इसको नारियल के तेल में मिलाकर प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं। जल्दी रिजल्ट पाने के लिए आपको एक हफ्ते के लिए इसका इस्तेमाल रोजाना करना होगा। आंवले की गुठली का पाउडर बनाने के इसकी गुठली को जला लें।  

2. नाक से खून: नकसीर फूट जाने की स्थिति में एकदम से घबराएं नहीं बल्कि नाक से खून आने की परेशानी से निजात पाने के लिए आंवले की गुठली का इस्तेमाल करें। ये  नकसीर फूट जाने पर बहुत  फायदा करती है। इसके लिए आंवले की गुठली को पानी में भिगोकर बारीक पीसकर, इस पेस्ट को माथे पर लगाने से आपको जल्द राहत मिल जाती है।  

3.  ल्यूकोरिया: महिलाओं को होने वाली बीमारी लिकोरिया का खात्मा करने के लिए आंवले की गुठली काफी मदद करती है। इसके लिए सबसे पहले गुठलियों को पानी में भिगोकर कुछ देर रख दें। फिर इसको बारीक पीसकर एक पेस्ट बना लें। अब चौथाई चम्मच पेस्ट को एक गिलास पानी में मिलाएं और इसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।  

4. पथरी: आज के समय में पथरी होना जैसे मानों एक आम परेशानी हो गयी हो। पथरी हो जाने पर आंवले की गुठली का सेवन काफी ज्यादा फायदा पहुंचाता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप आंवले की गुठली का चूर्ण बनाकर इसका रोजाना सेवन करें।  

5. इम्यूनिटी:  शरीर में इम्यूनिटी बूस्ट करने के आंवले की गुठली का सेवन काफी लाभकारी माना जाता है। आंवले की गुठली के सेवन से इम्यून सिस्टम दुरुस्त होता है और कई अन्य बीमारी होने का खतरा कम होता है।  

6. पित्त: एसिडिटी और पित्त की दिक्कत हो जाने और इसको कम करने के लिए भी आप आंवले की गुठली का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आंवले की गुठली को रात भर पानी में भिगो कर रखें और अगले दिन सुबह इसको पीसकर गाय के दूध में मिलाकर इसका सेवन करे। ऐसा करने से आपको जल्द ही  पित्त और एसिडिटी से राहत मिलेगी।  

नोट: यह लेख सिर्फ आपकी सामान्य जानकारी प्रदान करती है। ये किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए ध्यान रहे इन पर अमल करने से पहले किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर की सलाह एक बार अवश्य लें।  

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