खुशखबरी!! अगर आप भी एक किसान है तो जल्द करवाएं ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ वरना नहीं मिलेगा यह लाभ

बिगड़ते मानसून और ‘ताउते’ , ‘यास’ जैसे चक्रवाती तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होता है। इन सब के कारण उनकी तैयार की फसल भी कई बार अचानक तबाह हो जाती है जिससे किसानों को हमारी कल्पना से भी अधिक नुकसान पहुंचता है यहां तक कि उन्हें कोई सरकारी मदद भी नही दी जाती। पिछले दिनों आए ‘ताउते’ और ‘यास’ जैसे चक्रवाती तूफान से किसानों की बागवानी और मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए इन सब समस्याओं से निपटने के लिए सरकार आपके लिए ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) लेकर आई है।

पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY) को अच्छे तरीके से चलाने के लिए जिला स्तर पर परियोजना अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जो सिर्फ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का ही काम देखेंगे। बीमा कंपनियों ने किसानों की सहायता के लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर अपने कर्मचारी नियुक्त किए हैं। किसानों की शिकायत के निपटान के लिए राज्य व जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियों का भी गठन किया गया है।

गेहूं, चना समेत इन फसलों का होगा बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। हरियाणा सरकार के मुताबिक 9 फसलें तय की गई है। जिनमे से मक्का, धान, कपास, बाजरा तथा रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, सरसों व सूरजमुखी फसलों का बीमा किया जाएगा।

कितना मिलेगा बीमा (प्रति एकड़)

गेहूं पर 27300.12 रुपये
जौ पर 17849.89 रुपये
चना पर 13650.06 रुपये
सरसों पर 18375.17 रुपये
मक्का पर 17849.89 रुपये
कपास पर 34650.02 रुपये
बाजरा पर 16799.33 रुपये
सूरजमुखी पर 17849.89 रुपये
धान की फसल पर 35699.78 रुपये

ऐसे बदलें तय फसल
यदि कोई किसान पहले से तय फसल को बदलना चाहता है तो उसे अंतिम तारीख से कम से कम दो दिन पहले (29 जुलाई तक) बदलाव के लिए अपने बैंक को ही सूचित करना होगा। जिस किसान के पास केसीसी नहीं है वो कस्टमर सर्विस सेंटर या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से अपनी फसलों का बीमा करवा सकता है।

किसानों के लिए स्वैच्छिक है ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। केसीसी धारक किसानों (Farmers) को यदि इस स्कीम से बाहर होना है तो उसे अंतिम तारीख तक अपने बैंक (Bank) को यह बताना होगा कि उसे फसल बीमा में शामिल नहीं होना है। लिखित में ऐसा न देने पर बैंक ऑटोमेटिक बीमा कर देगा। इसके साथ ही यदि क्रेडिट कार्ड पर लोन (Loan) लेने वाले किसान इस स्कीम में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो वे 24 जुलाई तक अपने बैंक में लिखित आवेदन करके योजना से बाहर (ऑप्ट-आउट) हो सकते हैं।

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