खुशखबरी! हरियाणा सरकार ने शुरू की भावान्तर भरपाई योजना, होगी घाटे की भरपाई

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल बृहस्पतिवार को उद्यान विभाग के अधिकारियों की बैठक के दौरान किसानों को बाजार में फलों व सब्जियों के भाव से हुए नुकसान से बचाने के लिए भावान्तर भरपाई योजना शुरू करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए गए हैं। इन फसलों को प्राकृतिक आपदा से पहुंची हानि की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री द्वारा बागवानी बीमा योजना भी शुरू की गई है।

अगर मंडी में बेचने पर किसानों को तय रेट से कम दाम मिलेगा तो जो भी अंतर होगा उसकी भरपाई, इस योजना के फंड से सरकार करेगी। इसका फायदा लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा (Meri fasal mera byora) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। ताकि सरकार को पता रहे कि आपने कौन सी फसल उगाई है। ऐसा करने के बाद किसानों को सब्जियों और फलों की बिक्री में घाटा नहीं होगा।

किस फसल का कितना रेट तय हुआ:- 

– टमाटर (500 रुपये क्विंटल)

– प्याज (650 रुपये क्विंटल)

– आलू (500 रुपये क्विंटल)

– फूलगोभी (750 रुपये क्विंटल)

– किन्नू (1100 रुपये क्विंटल)

– अमरुद (1300 रुपये क्विंटल)

– गाजर (700 रुपये क्विंटल)

– मटर (1100 रुपये क्विंटल)

– शिमला मिर्च (900 रुपये क्विंटल)

– बैंगन (500 रुपये क्विंटल)

– भिंडी (1050 रुपये क्विंटल)

– हरी मिर्च (950 रुपये क्विंटल)

– लौकी (450 रुपये क्विंटल)

– करेला (1350 रुपये क्विंटल)

– बंदगोभी (650 रुपये क्विंटल)

– मूली (450 रुपये क्विंटल)

– लहसुन (2300 रुपये क्विंटल)

– हल्दी (1400 रुपये क्विंटल)

– आम (1950 रुपये क्विंटल)

(मंडी में किसानों की बिक्री का न्यूनतम यही थोक रेट तय है। इतना रेट मिलना गारंटी है। चाहे वो मार्केट में मिले या फिर उसकी भरपाई सरकार करे। किसान इससे अधिक पर बेचने के लिए स्वतंत्र है।) कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा की प्रदेश में फल, फूल और सब्जियां बेचने के लिए किसानों को दूर न जाना पड़े, इसलिए पिंजौर में सेब मंडी, गुरुग्राम में फूल मंडी और सोनीपत में मसाला मंडी स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कैंप और सेमिनार के माध्यम से नई पौध तैयार करने के लिए जागरूक किया जाए।

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