खुशखबरी: कृषि मंत्री ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए शुरू की खास परियोजना, मधुमक्खी पालकों को पहुंचेगा लाभ

मधुमक्खी पालकों के लिए कृषि मंत्री ने शुरू की खास परियोजना, किसानों की आमदनी बढ़ाने में मिलेगी मदद। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नई दिल्ली में शहद परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि, ” गांव के गरीब किसानों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पूरी तरह समर्पित है।”

शहद परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि किसानों को जब डीएपी का एक बैग 1200 रुपए में मिलता था, तब इसकी वास्तविक कीमत 1700 रुपए होती थी और 500 रुपए सरकार देती थी। एकाएक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि के भाव बढ़ने के कारण डीएपी की कीमत बढ़ी, जिससे एक बैग 2400 रुपए का हो गया। 
केंद्रीय मंत्री तोमर ने आगे कहा कि देश में शहद का उत्पादन व निर्यात बढ़ रहा है तथा अच्छी गुणवत्ता के शहद के लिए भी पूरे प्रयत्न हो रहे हैं। मधुमक्खीपालन को बढ़ावा देने के लिए अन्य प्रयासों के साथ-साथ मधुमक्खीपालकों के FPO बनाने की भी शुरुआत हो चुकी है। इनके सहित देशभर में 10 हजार FPO बनाए जा रहे हैं।

बता दें कि सरकार ने राष्ट्रीय मधुमक्खीपालन व शहद मिशन (NBHM) में समग्र संवर्धन तथा वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन के विकास व ‘मीठी क्रांति’ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 300 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। साथ ही, NBHM को आत्मनिर्भर भारत अभियान में केंद्र सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है। इसके अलावा, दो अन्य क्षेत्रीय/बड़ी शहद व मधुमक्खी पालन के अन्य उत्पादों की परीक्षण प्रयोगशालाएं आठ-आठ करोड़ रुपए की राशि सहित मंजूर की गई है। इस क्षेत्र के विकास की दृष्टि से, 13 मिनी/सेटेलाइट जिला स्तरीय शहद व मधुमक्खीपालन के अन्य उत्पादों की प्रयोगशालाएं तथा ऑनलाइन पंजीकरण एवं शहद व अन्य उत्पादों के ट्रेसिबिलिटी स्रोत के विकास से संबंधित तथा अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी स्वीकृत की गई है। 

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