गणेश चतुर्थी स्पेशल: गणेश पूजा के दौरान भूलकर भी अर्पित न करें ये 5 चीजें, भगवान हो सकते है नाराज

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार चतुर्थी भगवान गणेश की तिथि है। शुक्ल पक्ष के दौरान अमावस्या या अमावस्या के बाद की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में जानी जाती है और कृष्ण पक्ष के दौरान पूर्णिमा या पूर्णिमा के बाद पड़ने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। भगवान गणेश को चतुर्थी तिथि का अधिष्ठाता माना जाता है तथा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का अवतरण हुआ था।

इसलिए भगवान गणेश के जन्म दिन के उत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था इसीलिए मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिये ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। पूरे भारत में गणेश चतुर्थी से लेकर अगले दस दिनों तक जमकर उत्साह देखा जाता है।

इस साल गणेश चतुर्थी सेलिब्रेशन 10 सितंबर को किया जाएगा। 11 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन 21 सितंबर को होगा। इन सारी तिथियों के दौरान गणपति बप्पा की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती हैं। कहा जाता है कि इनकी पूजा करते समय अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। 

तो आइए जानते हैं भगवान गणेश को कौन सी चीज़ें अर्पित नहीं करनी चाहिए…

सफेद चंदन
गणेजी को सफेद चंदन के बजाए पीला चंदर अर्पित करें या पीला चंदन लगाएं।

तुलसी
भगवान गणेशजी को भूलकर भी तुलसी नहीं चढ़ाना चाहिए। तुलसी विष्णुप्रिया है।

सूखे फूल 
गणेश जी को कभी भी सूखे फूल अर्पित नहीं करने चाहिए, कहा जाता है ऐसा करने से व्यक्ति को अशवभ प्रभाव प्राप्त होते हैं तथा जीवन में दरिद्रत आती है।

टूटे और सूखे अक्षत
गणेशजी को टूटे या सूख अक्षत अर्थात चावल अर्पित नहीं करना चाहिए। अटूट चावल को थोड़ा गीला करके अर्पित करें। गणेशजी का एक दांत टूटा हुआ हैं इससे गीला चावल होने पर उन्हें स्वीकार करना गणेश के लिए सहज होता है।

सफेद जनेऊ और सफेद वस्त्र 
गणेश जी को कभी भी सफेद जनेऊ अर्पित नहीं करना चाहिए। हालांकि जनेऊ को हल्दी में पीला करके अर्पित कर सकते हैं। इसी तरह उन्हें सफेद वस्त्र भी नहीं पहनाए जाते हैं। न ही इन्हें गणेश जी को सफेद चंदन अर्पित करना चाहिए, बल्कि चंदन अर्पित करना चाहिए। 

केतकी और सफेद फूल 
गणेशजी को केतकी के फूल भी अर्पित नहीं किए जाते हैं। सफेद फूल भी गणेशजी को पसंद नहीं है। सफेद पुष्प का संबंध चंद्रमा से होने के कारण उन्हें नहीं चढ़ता। चंद्रमा ने एक समय पर गणेशजी का उपहास किया था। इसके चलते गणेशजी ने उन्हें शाप दे दिया था और उनसे संबंधित सफेद चीजों को अपनी पूजा में वर्जित कर दिया था।  

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