PM मोदी के मुरीद हुए पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, कहा-आपने दिल जीत लिया

पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिग्गज कपिल देव ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी खेल जगत के खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। पीएम मोदी ने ओलंपिक खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों को स्कूलों में जाकर स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाने की सलाह भी दी। द स्टेट्समैन में लिखे अपने एक कालम में कपिल देव ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में देश का नाम रौशन करने वाले खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुलाकात करने और उनकी हौसला अफजाई करने की तारीफ की है।

द स्टेट्समैन में लिखे एक कालम में पूर्व क्रिकेटर ने लिखा-

“यह स्पष्ट नहीं है कि भारत के किसी प्रधानमंत्री ने कभी कहा है कि वह हमारे देश में खेल की संस्कृति बनाना चाहते हैं या नहीं और माता-पिता से उन बच्चों को प्रोत्साहित करने की अपील की, जो खेल खेलना चाहते हैं। मोदी जी ऐसा करने वाले पहले हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने न केवल माता-पिता से अपने बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा है, बल्कि उन्होंने यह भी प्रदर्शित किया है कि खेलों और हमारे एथलीटों में सक्रिय रुचि लेकर ऐसा कैसे किया जाता है।

ओलंपिक के दौरान भी प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ बात की थी, लेकिन उसमें भाषण या औपचारिकता नहीं थी। चोट के बावजूद प्रतिस्पर्धा करने के बजरंग पुनिया के दृढ़ संकल्प के बारे में से सवाल करना मुश्किल होता या रवि दहिया के साथ विरोधी के काटने के बारे में पूछना भी मुश्किल होता। यह सवाल भी मुश्किल था कि नीरज चोपड़ा के बारे में कि उन्हें कैसे पता चला कि उन्होंने भाला फेंकते ही जीत हासिल कर ली थी। मोदी जी ने कई एथलीटों के लिए माइक्रोफ़ोन भी रखा जो यह नहीं बता सके कि यह चालू है या बंद है।

प्रधानमंत्री ने जोर इस बात पर दिया कि ध्यान खेल पर बना रहे और यह उन एथलीटों पर, जिन्होंने ओलंपिक में भारत के लिए प्रतिस्पर्धा की, न कि किसी अधिकारी या नौकरशाह के लिए। मोदी जी ने जिस तरह बात की, उदाहरण के लिए विनेश फोगाट से। मेडल नहीं जीतने के लिए खुद पर गुस्सा नहीं करने को कहा। उन्होंने कहा कि सफलता को कभी अपने सिर पर मत जाने दो और असफलता को कभी अपने दिल पर मत जाने दो।

वह न केवल उसके लिए बल्कि उस घटना में कई अन्य लोगों के लिए भी प्रोत्साहन था, जिन्होंने कोई पदक नहीं जीता था। ओलंपिक के स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीटों को खुद से बहुत उम्मीदें होती हैं और जब उनकी उम्मीदें धराशायी हो जाती हैं, तो उनके लिए खुद को सजा देना आसान होता है। ऐसे अकेलेपन में उन्हें सहारे के कंधे की जरूरत है और भारत के प्रधानमंत्री ने बेहतर दिखाया कि एक पूरा देश उनके साथ खड़ा है?

मोदी जी की नीरज चोपड़ा को चूरमा और पीवी सिंधु को आइसक्रीम परोसते हुए उनकी तस्वीरें वायरल हो सकती हैं। जबकि वे सुखद यादें हैं, मुख्य सबक यह है कि भारत के लोकतंत्र के प्रभारी व्यक्ति मानते हैं कि खेल और खेल संस्कृति महत्वपूर्ण हैं। यही खेल संस्कृति के विकास को बढ़ावा देता है, जो मोदी जी की सबसे बड़ी विरासतों में से एक होगी।

एक खिलाड़ी के रूप में, मैं खेल समुदाय को प्रधानमंत्री से प्यार और सपोर्ट प्राप्त करते हुए देखकर बहुत खुश हूं। मैं यह जोड़ना चाहता हूं कि अगर हमें भविष्य में और पदक जीतने हैं तो हमें खेल के बुनियादी ढांचे पर ध्यान देना चाहिए। और खेल के उपकरण पर कोई शुल्क नहीं होना चाहिए जो कि एथलीटों की आवश्यकता होती है।”

इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कपिल देव को धन्यवाद दिया औऱ कहा कि वो (कपिल देव) हमेशा खेल को पसंद करने वालों के प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को मिलकर भारतीय खेलों को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाना है। इसके अलावा पीएम मोदी ने सभी खिलाड़ियों को इस बात की सलाह दी कि एथिलीटों को अपना ध्यान खेल पर लगाना चाहिए। 

बता दें कि भारत ने हाल ही में संपन्न हुए टोक्यो ओलंपिक 2020 में सात मेडल जीते। यह भारत का ओलंपिक के इतिहास में अबतक का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इससे पहले 2012 लंदन ओलंपिक में भारत ने 6 मेडल जीते थे। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने एक गोल्ड, दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

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