बिहार में जारी बाढ़ का कहर, ध्वस्त हुआ 5 करोड़ का डायवर्जन, 16 पिलर देखते ही देखते बाढ़ में डूबे

बिहार में बाढ़ ने नीतीश सरकार के विकास की पोल खोल कर रख दी है। 13 करोड़ की लागत से बन रहे पुल देखते ही देखते नदी में समा गए। करोड़ों के पुल व डायवर्जन ध्वस्त हो रहे है। 16 पिलर देखते ही देखते बाढ़ के पानी में डूब गए। इसके चंद घंटे बाद ही अब बांका में ‘अपना विकास’ बह गया। बांका में करीब 5 करोड़ की लागत से चांदन नदी पर बना डायवर्जन देनर रात नदी में पानी के तेज बहाव के बीच बह गया।

बता दें कि पुल निर्माण का कार्य हाल के दिनों में शुरू हुआ है, लेकिन डायवर्सन के ही आधार पर जिला मुख्यालय का संपर्क बाराहाट, बौंसी, धोरैया एवं रजौन प्रखंड के सैकड़ों गांव से बना हुआ था। लोग इसी डायवर्जन से आ-जा रहे थे।
डायवर्जन बह जाने के बाद बांका जिला मुख्यालय से 3 प्रखंडों के सैकड़ों गांवों का संपर्क सीधे रूप से टूट गया है। चांदन नदी का पुल विगत 2 साल पूर्व ही ध्वस्त हो गया था। इसके बाद 5 करोड़ की लागत से डायवर्जन बनाया गया था। वह डायवर्जन भी आज बह गया।

बताया जाता है कि लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बाद चांदन नदी में बाढ़ आ गया। पानी में इतना तेज करंट था कि डायवर्जन को अपने साथ बहा कर ले गया। डायवर्जन बह जाने से बांका-ढाका मोड़ मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गई है। अब 40 किलोमीटर दूर जाकर फुंसियां होकर ही लोगो को जाना होगा।

गौरतलब है कि गया में कल शाम में 13 करोड़ से बन रहा पुल मामूली बाढ़ में ही भरभरा कर ढह गया था। यह वही पुल है, जो पिछले 6 सालों से बन रहा है। आज तक इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य के नाम पर अब तक नदी में सिर्फ 16 पिलर ही खड़े किए जा सके थे। जबकि इस पुल का शिलान्यास 2015 में किया गया था 

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