पहला राष्ट्रीय विज्ञान ओटीटी चैनल: इंडिया साइंस

नवनीत कुमार गुप्ता
प्रौद्योगिकी ने संचार माध्यमों में तेजी से बदलाव किया है। वर्तमान में ओवर ट टॉप यानी ओटीटी चैनलों की
लो​कप्रियता काफ तेजी से बढ़ी है। भारत में पहला ओटीटी चैनल 2008 में आया था। इस समय देश में 40 से
अधिक ओवर ट टॉप मीडिया चैनल चल रहे हैं। सरकारी क्षेत्र का पहला ओटीटी विज्ञान चैनल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से विज्ञान प्रसार द्वारा चलाया जा रहा है।

इस चैनल का नाम इंडिया साइंस (https://www.indiascience.in/) है। इंडिया साइंस 24×7 इंटरनेट आधारित पहला राष्ट्रीय ओटीटी विज्ञान चैनल है। इस विज्ञान चैनल की शुरूआत 15 जनवरी 2019 को हुयी थी। चैनल का क्रियान्वयन एवं प्रबंधन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्तशासी संस्था विज्ञान प्रसार द्वारा किया जा रहा है। यह 24×7 वीडिया प्लेटफार्म विज्ञान संचार के लिए समर्पित है।

इस चैनल का उद्देश्य भारतीय जनमानस में वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, लोकाचार और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ उसके संबंध को प्रस्तुत करना है। यह विज्ञान चैनल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संबंधी ज्ञान, सूचनाएं उचित समय पर और लोकप्रिय ढंग से लोगों तक पहुँचा रहा है जिससे आम वर्ग इन सूचनाओं एवं ज्ञान का उपयोग अपने दैनिक क्रियाकलापों में कर सकें और अपने निर्णय लेने को प्रभावकारी बना सकें। आज इंटरनेट विशेषकर युवावर्ग के बीच सबसे सुलभ और पसंदीदा मीडिया है।

भारत में लगभग 70 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग करते है। इंडिया साइंस के माध्यम से लोगों तक भारतीय
प्रयोगशालाओं में किए जा रहे अनुसंधान, नवाचार, आविष्कारों को सामान्य जनो को अवगत कराया जा रहा है।
इसके साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को समय-समय पर चैनल पर प्रसारित किया जा रहा है।
”इंडिया साइंस“ हिन्दी एवं अंग्रेजी का एक द्विभाषी विज्ञान चैनल है।

इस चैनल को इंटरनेट युक्त किसी भी डिवाइस पर देखा जा सकता है जैसे लैपटॉप, डेस्कटॉप, स्मार्टफोन (एंड्रॉइड/आईओएस), स्मार्ट टीवी इत्यादि। चैनल पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संबंधी कई विषयों जैसे इंजीनिरिंग, स्वास्थ और चिकित्सा, प्राकृतिक विज्ञान, पर्यावरण और वन्य जीव, कृषि, वैज्ञानिक विरासत, वैज्ञानिकों, वैज्ञानिक संस्थाओं, विज्ञान नीतियों, नवाचारों, बच्चों की जिज्ञासा पर कई कार्यक्रम आदि, वृत्तचित्र, विज्ञान कथाओं, विज्ञान नाटकों, विज्ञान संवादों के माध्यम से सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं।

इन कार्यक्रम की अनुसूची “इंडिया साइंस” प्लेटफॉर्म पर देखी जा सकती है। चैनल की लोकप्रियता बच्चों, विद्यार्थिओं, अध्यापकों, वैज्ञानिकों एवं आमजनो के बीच दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों ने भी इस विज्ञान चैनल में रूचि दिखायी है जिससे उनके द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों को चैनल के माध्यम से दिखाया जा सके।

इंडिया साइंस चैनल शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं एवं अन्य सभी व्यक्तियों जो विज्ञान में रूचि रखते है के लिए उपयोगी है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की यह अनूठी पहल हमारे महान वैज्ञानिकों, नीति
निर्माताओं, विज्ञान संचारको ने जो एक सपना देखा था- कि देश का अपना विज्ञान चैनल होना चाहिए – की दिशा
एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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