‘फेसबुक’ भारत में फर्जी पोस्ट के माध्यम से लोगों की राय बदलकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है : पवन खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आगामी होने वाले चुनावों के लिए फेसबुक की भूमिका की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के जरिए जांच की मांग की है। उन्होंने सोमवार को आरोप लगाया है की भारत में चुनावों को प्रभावित करने और लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए सबसे अधिक फेसबुक का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने एक खबर का हवाला देते हुए ये दावा भी किया कि फेसबुक ने खुद को फेकबुक में तब्दील कर दिया है।

मीडिया से बातचीत के दौरान पवन खेड़ा ने फेसबुक पर आरोप लगाया कि भारत में फेसबुक बीजेपी की साझेदार के तौर पर काम कर रहा है और उसके एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने फेसबुक की आंतरिक रिपोर्ट वाली खबर का उल्लेख करते हुए कहा कि हम भारत में चुनावों को प्रभावित करने में फेसबुक की भूमिका की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जांच की मांग करते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “फेसबुक भारत में फर्जी पोस्ट के माध्यम से लोगों की राय बदलकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। बीजेपी और उससे जुड़े संगठनों की फेसबुक के कामकाज में घुसपैठ हो चुकी है। क्या ये उचित है कि फेसबुक एक विचारधारा को फर्जी पोस्ट, तस्वीरों और विमर्श के जरिए आगे बढ़ाए? भारत में सिर्फ नौ फीसदी फेसबुक यूजर अंग्रेजी भाषा के हैं और उनके पास भी क्षेत्रीय भाषाओं के पोस्ट की जांच-परख करने की कोई व्यवस्था नहीं है।”

इतना ही नहीं पवन खेड़ा ने दावा किया कि दिल्ली में पिछले साल हुए दंगो को अंजाम देने में और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा में भी फेसबुक की एक बेहद बड़ी भूमिका रही। उन्होंने कहा, “सब कुछ जानते हुए भी फेसबुक ने अपनी आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर आरएसएस और बजरंग दल को खतरनाक संगठन क्यों नहीं माना? भारत सरकार ट्विटर को लेकर अतिसक्रिय रही है, लेकिन अब वो इसको लेकर कुछ बोल क्यों नहीं रही है?ये सारे तथ्य सामने आने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।”

More articles

- Advertisement -
Web Portal Ad300x250 01

ताज़ा ख़बरें

Trending