सहजन 300 रोगों को कर सकता है ठीक,  जानिए पुरुषों को क्यों करना चाहिए इसके सूप का सेवन ?

गर्मियों के इस मौसम में यूं तो कई प्रकार की सब्जियां बाजार में मिलती हैं पर क्या आपको पता है कि इस मौसम में एक ऐसी सब्जी पाई जाती है जिसे दुनिया का सबसे ताकतवर पोषण पूरक आहार भी कहा जाता है ?  जी हां, हम बात कर रहे हैं “सहजन ”  की जिससे हिंदी में मुनगा, सहजन तथा सोहजना भी कहते हैं। सहजन की सबसे खास बात ये है या फिर कहें कि सहजन के पेड़ की सबसे खास बात ये है कि इसकी जड़, फूल पत्ती फल्ली तना गोंद हर चीज उपयोगी है.   

आयुर्वेद के अनुसार सहजन से 300 प्रकार के रोगों का उपचार संभव है। सहजन इतना पोस्टिक होता है कि इससे कई प्रकार के रोग तो दूर होते ही हैं, साथ ही यह कई मायनों में अत्यंत लाभकारी है। अगर हम बात सहजन के पौष्टिक गुणों की करें तो “ विटामिन सी ” जो कि संतरे में पाया जाता है उससे सहजन 7 गुना अधिक पौष्टिक गुणों वाला होता है। वहीं विटामिन ए की तुलना में यानी कि गाजर में पाया जाने वाला विटामिन A, उससे सहजन 4 गुना अधिक गुणों वाला होता है। इसी प्रकार दूध में पाए जाने वाले कैल्शियम से सहजन 4 गुना अधिक गुण वाला होता है।

तो वहीं दही में पाए जाने वाले प्रोटीन की तुलना में सहजन 3 गुना अधिक पौष्टिक माना जाता है। सहजन की पत्तियों, फली,  और सुखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम पोटेशियम आयरन जैसे विभिन्न प्रकार के तत्व पाए जाते हैं जो कई प्रकार की बीमारियों को ठीक करने में सक्षम होते है। अगर हम बात सहजन के बोटैनिकल नाम की करें तो इस का बोटैनिकल नाम ” मोरिंगा होली फेरा ” है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सहजन का फूल पेट, कफ रोगों में इसकी फनी, और पत्ती नेत्र रोग मोच साइटिका, गठिया आदि में उपयोगी है।  वही सहजन के वृक्ष का छाल साइटिका, गठिया, लीवर की समस्याओं में लाभकारी होता है और कब्ज की समस्या दूर होती है। सहजन की छाल में शहद मिलाकर पीने से वात और कफ की समस्या दूर हो जाती है।

तो आइए जानते हैं कि सहजन का सेवन हमें क्यों करना चाहिए। 
  

1. सहजन का सूप अगर नियमित रूप से महिला और पुरुष दोनों ही पिए तो इस सेक्सुअल हेल्थ बेहतर होती है। सहजन का सूप महिला एवं पुरुष दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी है। इसलिए शादीशुदा लोगों को सहजन का सूप अवश्य पीना चाहिए 

2. सहजन में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होता है जो कई प्रकार के संक्रमण से शरीर की रक्षा करता है। साथ ही सहजन में विटामिन सी पाया जाता है जो इंसान की इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है जिससे कि कई रोग दूर रहते हैं। 

3. सहजन के सूप के सेवन से कई प्रकार की पेट संबंधी समस्या भी दूर होती है। साथी ही कब्ज की समस्या भी इस गुणकारी सब्जी के सूप पीने से दूर होती हैं। 

4. सहजन के सुप के सेवन से अस्थमा की शिकायत दूर होती है। साथ ही यह शरीर के खून की सफाई करने में भी काफी मदद करता है।  

5. अगर आप डायबिटीज के पेशेंट है तो आपको सहजन का सेवन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि सहजन का सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल में रहता है।  

इस तरह बनाए सहजन का सूप –  सहजन का सूप बनाने के लिए सबसे पहले सहजन की फली को कई छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है। इसके बाद गैस ऑन करके दो कप पानी लेकर इसे धीमी आंच पर उबलने के लिए रख दे। थोड़ी देर बाद जब पानी उबलने लगे तो इसमें कटे हुए सहजन की फली के टुकड़े डाल दें। आप चाहे तो इसमें सहजन की पत्त‍ियां भी मिला सकते हैं। इसके बाद जब पानी आधा बचे तो सहजन की फलियों के बीच का गूदा निकालकर ऊपरी हिस्सा अलग कर लें तथा इसमें थोड़ा सा नमक और काली मिर्च मिलाकर पिए। इस प्रकार सहजन का सूप पीने से शरीर को कई प्रकार की बीमारियों से बचाया जा सकता है।
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