इमरजेंसी में मुख्यालय से हाथों-हाथ मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें कैसे…

यदि आपको लाइसेंस की सख्त आवश्यकता है और इसके बिना आपका काम प्रभावित हो रहा है तो आपको लाइसेंस के लिए इंतजार नहीं करना होगा। प्रदेश भर से कोई भी आवेदक परिवहन विभाग मुख्यालय से जाकर अपना लाइसेंस ले सकेगा। इसके लिए उसे एक प्रार्थना पत्र और जल्दी लाइसेंस हासिल करने की वजह बतानी होगी। इसके बाद मुख्यालय से उसे हाथों-हाथ लाइसेंस दे दिया जाएगा।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस के लिए सभी व्यवस्थाएं ऑनलाइन है। लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक को पहले ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद इसे परिवहन विभाग की वेबसाइट पर डाल दिया जाता है जहां से आवेदक इसे अपलोड कर लेता है। इसके एक महीने बाद आवेदक स्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन करता है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्थाई लाइसेंस डाक से आवेदक के घर भेजा जाता है।

प्रदेश भर के स्थाई लाइसेंस बनाए जाने का कार्य राजधानी के परिवहन विभाग मुख्यालय में किया जाता है। लेकिन इसमें अब एक और बदलाव किया जा रहा है। यदि किसी आवेदक को लाइसेंस की सख्त आवश्यकता है, तो अब वह एक प्रार्थना पत्र लिख कर परिवहन आयुक्त कार्यालय में संबंधित अधिकारी से मिल कर प्रार्थना पत्र देगा। इमरजेंसी को देखते हुए उसे मुख्यालय से ही लाइसेंस हाथों-हाथ दे दिया जाएगा। बताते चले एक दिन में प्रदेश भर में रोजाना दस हजार स्थाई लाइसेंस जारी किए जाते हैं।

विभागीय अधिकारियों को इमरजेंसी में लाइसेंस जारी किए जाने की व्यवस्था तैयार करने को निर्देश दिए गए है। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है जो इसे तैयार करेगी। इसके बाद इमरजेंसी सेवाओं के तहत हाथों-हाथ लाइसेंस मिल सकेंगे… आर के सिंह, प्रमुख सचिव परिवहन, परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश

शुरू हो जाएगी वसूली

विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। लोग इमरजेंसी दिखा कर लाइसेंस लेने के लिए मुख्यालय के अधिकारियों से सम्पर्क करेंगे। उसके बाद वहां पर काम करने वाले लाइसेंस जल्दी दिलाने के नाम पर आवेदकों से वसूली करेंगे। अभी तक लाइसेंस लेने और देने की फेस लेस व्यवस्था दम तोड़ देगी।

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