डॉ. रितु त्रिवेदी राष्ट्रीय तकनीकी उत्कृष्टता पुरस्कार-2022 के लिए चयनित

नवनीत कुमार गुप्ता
आज महिलाएं हर क्षेत्र में विकास की नयी गाथा लिख रही हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का क्षेत्र भी महिलाओं के योगदानों से अछूता नही है। सरकार द्वारा भी विज्ञान क्षेत्र में महिलाओं के प्रोत्साहन के लिए किरण सहित अनेक योजनाएं चलायी जा रही है। महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहन के लिए अनेक पुरस्कार भी आरंभ किए गए हैं। इसी दिशा में, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड, डीएसटी, भारत सरकार, नवीन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण में महिला वैज्ञानिकों /उद्यमियों के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने हेतु दो श्रेणियों में राष्ट्रीय तकनीकी उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान करता है, जिसमें पहला पुरस्कार अनूदित (ट्रांसलेशनल) अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय महिला वैज्ञानिक पुरस्कार एवं दूसरा राष्ट्रीय महिला उद्यमी पुरस्कार जो उद्यमशीलता हेतु प्रदान किया जाता है।

सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई), लखनऊ में सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. रितु त्रिवेदी को प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड, डीएसटी द्वारा ट्रांसलेशनल रिसर्च (अनूदित अनुसंधान) में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय महिला वैज्ञानिक पुरस्कार (महिलाओं के लिए नेशनल टेक एक्सिलेन्स अवार्ड-2022) के लिए चुना गया। यह पुरस्कार उन्हें औषधि रीयूनियन जो तेजी से फ्रैक्चर उपचार एवं पोस्टमेनोपॉज़ल ऑस्टियोपोरोसिस के प्रबंधन के लिए उपयोगी है, के विकास हेतु उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए
दिया जा रहा है।

डॉ. रितु को हाल ही में प्रकाशित “75 अंडर 50: साइंटिस्ट्स शेपिंग टुडेज़ इंडिया” में भी चुना गया था डॉ रितु त्रिवेदी ने हाल ही में विज्ञान प्रसार द्वारा प्रकाशित “75 अंडर 50: साइंटिस्ट्स शेपिंग टुडेज इंडिया” कॉफी-टेबल पुस्तक में चित्रित किया है, जिसे माननीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2022 पर जारी किया गया था। यह पहल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा की गई थी। 50 वर्ष से कम आयु के 75 वैज्ञानिकों में से केवल 12 महिलाओं को इस पुस्तक में चित्रित किया गया है और डॉ. रितु त्रिवेदी उनमें से एक हैं जिन्होंने सीडीआरआई को गौरवान्वित किया है।

इसके अलावा, उन्हें प्रतिष्ठित रिलायंस इंडस्ट्रीज प्लेटिनम जुबली अवार्ड (2020), जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा टाटा इनोवेशन अवार्ड-2019-20 और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI) द्वारा पी. शील अवार्ड-2019 से सम्मानित किया गया है। तेवतिया मेमोरियल ओरेशन अवार्ड (2018), मार्क सेडम एटम चेयर द्वारा फ्रैक्चर हीलिंग और पोस्ट-मेनोपॉज़ल ऑस्टियोपोरोसिस दवा रीयूनियन के लैब से बाजार तक अनूदित अनुसंधान हेतु स्टेम (एसटीईएम) इम्पैक्ट अवार्ड (2019), ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए वर्ष 2019 का प्रौद्योगिकी पुरस्कार, इंदिरा गांधी सम्मान 2017, फ्रैक्चर हीलिंग और पोस्ट-मेनोपॉज़ल ऑस्टियोपोरोसिस के लिए डालबर्गिया सिसो के लिए प्रौद्योगिकी पुरस्कार (2016) आदि पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारत (NASI) ने उन्हें विज्ञान में उनके योगदान के लिए अकादमी का फेलो (FNASc) भी चुना है।

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