भूलकर भी न करें ऐसा, अर्श से फर्श परआने में नहीं लगेगा समय

इंसान के अच्छे कर्म ही उसे समाज औरपूरी दुनिया में इज्जत दिलाते हैं। जीवन जीने का सही तरीका सच्चाई के रास्ते परचलना ही है। श्रीमद्भागवत गीता में भी इसी बात का जिक्र है। श्रीमद्भगवद्गीता हीएकमात्र ऐसा ग्रंथ है जो मनुष्य को जीने का सही ढंग बताता है। श्रीमद्भगवद्गीतामें आप अपने सभी कष्टों और उसे दूर करने के उपायों के बारे में भी जान सकते हैं।अगर आप श्रीमद्भागवत गीता में बताई गई बातों का अनुसरण करते हैं तो आपके जीवन मेंकष्टों की अविधि ज्यादा नहीं होगी। भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत युद्ध के दौरानअर्जुन को कई उपदेश दिए थे।

भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिएगए इन उपदेशों का अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में अनुसरण करता है तो उसे तरक्कीमिलनी तय है। इस लेख में हम आपको भगवान श्री कृष्ण द्वारा बताई गई कुछ बातों केबारे में बताएं बताने जा रहे हैं। अगर आप भगवान श्री कृष्ण द्वारा बताई गई बातोंका अनुसरण अपने जीवन में करेंगे तो आप आप अपने जीवन में हमेशा सुखी और चिंता मुक्तरहेंगे।

भगवान श्री कृष्ण की इन बातों का करें अनुसरण 

1. श्रीमद्भगवद्गीता मेंभगवान श्रीकृष्ण ने बताया है कि किसी भी इंसान का पतन उस समय शुरू हो जाता है जबवह अपनों को गिराने की सलाह गौरव से गैरों से लेना प्रारंभ कर देता है। इसलिए ऐसा करेन से बचें।

2. भगवान कहते हैं कि इंसान का पतन कब शुरू हो जाता है जब वह किसी सरल व्यक्ति केसाथ छल करना शुरू कर देता है। ऐसा करने से बर्बादी के सारे द्वार खुल जाते हैं। चाहेव्यक्ति कितनी भी बड़ा शतरंज का खिलाड़ी क्यों ना हो उसका पतन होना तय है।

3. गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जब अत्याचारों कोमुस्कुराकर सहा जाता है तो इंसान का बदला भगवान सिंह लेते हैं।

4. गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि मनुष्य को कभी भी घमंडनहीं करना चाहिए। गीता में कहा गया है कि हंकार मनुष्य से वह सब करवाता है जो उसकेलिए सही नहीं है और अंत में यह अहंकार ही उसके विनाश का कारण बन जाता है

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