निजी स्कूलों द्वारा अधिक विलंब शुल्क वसूलने पर दिल्ली हाइकोर्ट का केजरीवाल सरकार को निर्देश

दिल्ली के निजी स्कूल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। निजी स्कूलों द्वारा फीस भरने में देरी पर प्रतिदिन 5 पैसे की बजाय 50 से 100 रूपये का विलंब शुल्क वसूला जा रहा हैं। इसको लेकर दिल्ली हाइकोर्ट ने नाराजगी जताई है। ऐसे ही एक केस की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाइकोर्ट की जस्टिस रेखा पल्ली की पीठ ने दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय को समुचित कार्रवाई का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता अभिभावक का आरोप हैं कि निजी स्कूल द्वारा कानून की अनदेखी कर उनके बेटे से 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से विलंब शुल्क वसूला गया और सरकार और शिक्षा निदेशालय उनकी शिकायत पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

 न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए शिक्षा निदेशालय को याची द्वारा स्कूल के खिलाफ की गई शिकायत पर 6 सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए है। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर याची शिक्षा निदेशालय द्वारा इस मामले में की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होता है तो वो दोबारा याचिका दाखिल कर सकता है। वहीं कोर्ट के इस आदेश पर दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा पेश वकील ने भरोसा दिलाया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी.

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