दलित संगठनों ने समीर वानखेडे के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा – फर्जी कागज दिखाकर पाई नौकरी

एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की बड़ी मुसीबतें ड्रग्स केस के मुख्य गवाह और एक महिला वकील के बाद अब दलित संगठनों ने समीर वानखेड़े पर लगाए गंभीर आरोप। दलित संगठनों का कहना है कि केवल नौकरी पाने के लिए समीर ने खुद को SC बताया था और उन्होंने फर्जी कागज दिखाए थे। समीर के खिलाफ ये आरोप भीम आर्मी और स्वाभिमानी रिपब्लिक आर्मी ने लगाए हैं। इन संगठनों ने जिला जाति जांच समिति के पास शिकायत भी दर्ज करवाई है।

बता दें कि आज से कुछ दिन पहले ही एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने दिल्ली स्थित अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के ऑफिस में अपना जाति प्रमाण पत्र दिया था। इस दौरान उन्होंने अपनी पहली पत्नी से हुए बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और तलाक के कागज भी दिए थे। फिलहाल अभी इन कागजों की जांच की जा रही है। वहीं तमाम आरोपों के बीच समीर के पिता का कहना है कि वह दलित हैं और उनका बेटा भी दलित है। उनका मुस्लिम धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने लगाए गंभीर आरोप

बीते मंगलवार को नवाब मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि, एनसीबी के अधिकारी समीर वानखेड़े ने जाली सर्टिफिकेट के जरिए सरकारी नौकरी हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा की अगर मेरे द्वारा पेश किया गया सर्टिफिकेट फर्जी है। तो फिर जो असली है उसे समीर वानखेड़े और उनके पिता सबके सामने लाएं। उन्होंने कहा समीर के पिता जन्म से दलित थे, लेकिन बाद में शादी के बाद धर्म परिर्वतन किया। इसके बाद सभी लोग मुस्लिम धर्म के अनुसार रहे ,बाद में नौकरी के लिए दलित का सर्टिफिकेट लगाया।

उन्होंने बताया कि ज्ञानेश्वर वानखेड़े अनुसूचित जाति के हैं और उन्होंने मुस्लिम महिला से शादी की तो उन्होंने मुस्लिम धर्म का ही पालन किया। बता दें समीर वानखेड़े के खिलाफ इंटरनल इंक्वायरी का आदेश जारी किया गया है। विभागीय जांच का यह आदेश नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीजी ने जारी किया है। अब समीर वानखेडे के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की विजिलेंस टीम जांच करेगी। वहीं अब प्रभाकर सैल के हलफनामे के बाद मुंबई पुलिस भी उनके खिलाफ एक्सटॉर्शन के आरोपों के तहत जांच शुरू कर सकती है। 

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