COVID-19: ब्लैक और व्हाइट के बाद अब येलो फंगस ने दी दस्तक, गाजियाबाद में मिला पहला मामला

कोरोना महामारी से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि ब्लैक और व्हाइट फंगस ने भी दस्तक दे दी। ब्लैक फंगस फिर व्हाइट फंगस और अब येलो फंगस ने देश के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। देश में येलो फंगस का पहला मामला गाजियाबाद में पाया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि 45 वर्षीय जिस मरीज में येलो फंगस मिला है वह पहले कोरोना संक्रमित हो चुका है और इस समय डायबिटीज से भी पीड़ित है।डॉक्टरों की माने तो अब तक यह फंगस सिर्फ़ जानवारों में पाया जाता था, पहली बार किसी इंसान में यह पाया गया है। वहीं यह येलो फंगस बाकि दोनों फंगस से ज्यादा खतरनाक है। हालांकि मरीज की हालत में पहले से सुधार है।

येलो फंगस (yellow fungus) के लक्षण:-
1. नाक का बंद होना
2. हार्ट रेट का बढ़ जाना
3. शरीर के अंगों का सुन्न होना
4. शरीर में टूटन होना और दर्द रहना
5. शरीर में अत्यधिक कमजोरी होना
6. शरीर में घावों से मवाद बहना
7. शरीर कुपोषित सा दिखने लगना

येलो फंगस (yellow fungus) का पहला मामला
येलो फंगस गाजियाबाद के निवासी में पाया गया, जिसकी उम्र 45 वर्ष की है। उसके बेटे नेबताया कि उसके पिता को दो महीनों से कोरोना है, अब वह रिकवर होने लगे थे। तभी अचानक उनकी आंख और नाक से खून निकलने लगा जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया।

कितना खतरनाक है येलो फंगस (yellow fungus)
डॉक्टरों के मुताबिक इस बीमारी को म्यूकर स्पेक्टिक्स कहा जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि येलो फंगस ब्लैक और व्हाइट फंगस से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। यह इस हद तक खतरनाक हो सकता है कि मरीज की जान भी जा सकती है। 
डॉक्टरों का कहना है कि अभी यह येलो फंगस छिपकली और गिरगिट जैसे जीवों में पाया जाता था। इतना ही नहीं यह जिस रेपटाइल को फंगस होता है वह जिंदा नहीं बचता, इसलिए इसे बेहद खतरनाक और जानलेवा माना जाता है। 

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