COVID-19: फिर बढ़ सकता है कोरोना संक्रमण का खतरा, एक नई स्टडी में दावा

देश में लगातार थमते कोरोना वायरस के मामलो के बीच एक बार फिर वैज्ञानिकों की एक रीसर्च ने चिंता बढ़ा दी है। वर्तमान समय में देश ने कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पा लिया है। वहीं लोगों की दिनोंदिन बढ़ती लापरवाही देखते हुए सरकार ने भी जल्द ही कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने के संकेत दे दिए हैं। इस नई गणितीय स्टडी के मुताबिक देश से कोरोना की दूसरी लहर लगभग चली गई है। लेकिन रिप्रोडक्टिव नंबर या आर नंबर में अप्रैल के बाद से पहली बार बढ़त दर्ज की गई है।
बता दें की आर नंबर यह बताने वाला एक तरह का संकेत है कि आखिर कितनी तेजी से कोविड 19 महामारी फैलती है। इसके साथ ही देश में पिछले कुछ दिनों से एक्टिव कोरोना केस की संख्या में आई गिरावट अब धीमी हो गई है।
चेन्नई के इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइंसेज की ओर से की गई स्टडी के अनुसार कहा जा सकता है कि आर नंबर इस बात की गणना करता है कि कोरोना से पहले ही संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से कितने लोग इसकी चपेट में आए हैं। यह आर नंबर जून के आखिरी हफ्ते तक घट रहा था। लेकिन 20 जून से 7 जुलाई के बीच के समय में इस आंकड़े में तेजी दर्ज की गई।
शोध में सामने आया है, कि 20 जून से 7 जुलाई के बीच पूरे देश की आर वैल्यू 0.88 थी। यह आर वैल्यू‍ 15 मई से 26 जून के बीच 0.78 थी। जिसका मतलब यह हुआ कि हर 100 संक्रमित लोगों का समूह अब औसतन 88 लोगों को संक्रमित कर रहा है।
गौरतलब हो कि फिलहाल आर वैल्यू 1 के नीचे है। लेकिन यह बेहद तेजी से बदल सकती है। अगर आर वैल्यूी 1 से अधिक होती है, तो माना जाता है कि संक्रमित व्यक्ति से एक से अधिक लोग संक्रमित हो रहे हैं। यही कोरोना केस बढ़ने का कारण भी हो सकता है।
कोरोना वायरस मामले
भारत में कोरोना वायरस के 41, 506 नए मामले सामने आए हैं और 895 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। देश में कुल रिकवरी अब 97.2 फीसदी पर है। पूरे भारत में कोरोना के कुल 2,99,75,064 मरीज रिकवर हुए हैं, जिसमें 41,526 लोग पिछले 24 घंटों के दौरान ठीक हुए हैं। डेली पॉजिटिविटी रेट 2.25 फीसदी पर है। यह लगातार 20 दिनों से 3 फीसदी से कम रहा है।

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