कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का बेतुका बयान, हिंदू धर्म और हिंदुत्व को बताया अलग-अलग, कहा – आरएसएस और बीजेपी ने फैलाई नफरत

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को पार्टी के डिजिटल ‘जन जागरण अभियान’ का उद्घाटन किया। इस दौरान राहुल गांधी ने हिंदुत्व को लेकर जारी विवाद के बीच अपनी राय देते हुए हिंदुत्व और हिंदू दोनो को अलग अलग बता डाला। उन्होंने कहा अगर आप हिंदू हो तो आपको हिंदुत्व की क्या जरूरत है। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदुस्तान में बीजेपी-आरएसएस ने नफरत फैला दिया है जबकि हमारी विचारधारा प्यार और भाईचारे की है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया की हमारे देश में दो तरह की विचारधाराएं विद्यमान है। एक विचारधारा जो कांग्रेस की जोड़ने की है और दूसरी नफरत की विचारधारा जो आरएसएस-बीजेपी की देन है। राहुल गांधी ने कहा, “आज पूरे हिंदुस्तान में बीजेपी और आरएसएस ने मिलकर नफरत फैला दी है, और कांग्रेस की विचारधारा जो जोड़ने की, भाईचारे की और प्यार की विचारधारा है, उसको बीजेपी की नफरतभरी विचारधारा ने ओवरशैडो कर दिया है।”

उन्होंने आगे कहा कि, “विचारधारा की जो लड़ाई थी वो फोकस्ड नहीं थी, लेकिन आज के हिंदुस्तान में विचारधारा की लड़ाई सबसे जरुरी लड़ाई हो गई है। ये जो विचारधारा है इसको हम कांग्रेस की विचारधारा कहते हैं और यह हमसे बहुत पुरानी है। बीजेपी हिंदुत्व की बात करती है। हम कहते हैं कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व में फर्क है।” राहुल ने आगे कहा कि हिंदू धर्म किसी सिख या मुस्लिम को नही मारता, लेकिन हिंदुत्व का यही काम है।”

राहुल ने कहा कि आज लोग हिंदू धर्म और हिंदुत्व को एक समझने लगे हैं, जबकि ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने कहा, “हमें चाहे यह पसंद हो या नहीं, लेकिन भाजपा-संघ की नफरत वाली विचारधारा कांग्रेस की प्यार और राष्ट्रवाद वाली विचारधारा पर भारी पड़ी है। हमें यह मानना होगा।” राहुल ने आगे कहा, “हमारी विचारधारा अभी भी जिंदा है, जीवंत है, लेकिन इसका प्रभाव कुछ कम हुआ है।” 

उन्होंने पार्टी की विचारधारा आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इसका प्रभाव कम इसीलिए हुआ है, क्योंकि हम इसका अपने ही लोगों के बीच ठीक से प्रसार नहीं कर पाए। राहुल ने आगे अपनी योजना को लेकर कहा, हमारी कांग्रेस का कोई भी व्यक्ति कितना भी सीनियर हो, कितना भी जूनियर हो, उसके लिए ट्रेनिंग अहम है। सिस्टमैटिकली ट्रेनिंग अहम है और यह हमें पूरे देश में करनी है। अगर हमने अपनी विचारधारा को अपने संगठन में गहराई से उतार लिया, तो हम आगे बढ़ सकते हैं।

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