अपने बयान से पलटे कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, जानिए अपने ताजा बयान में क्या बोले खुर्शीद

पिछले दिनों कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने योगी सरकार की जनसंख्या नीति नियंत्रण पर बयान देते हुए कहा था की संतानों की संख्या के साथ साथ जायज और नाजायज संतानों की भी गिनती होनी चाहिए। जिसके बाद सोशल मीडिया पर सलमान खुर्शीद की बेहद आलोचनाएं होने लगी। मामला तूल पकड़ता देख अपने बयान से पीछे हटे खुर्शीद।
अपने हालिया इंटरव्यू में सलमान खुर्शीद ने पेगासस जासूसी, कांग्रेस के भविष्य और जनसंख्या नियंत्रण बिल समेत कई अन्य मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।

वहीं एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की भले ही 100 साल तक सत्ता न मिले, कांग्रेस भाजपा जैसा कभी नहीं बनेगी। सलमान खुर्शीद ने कैबिनेट में हुए हालिया परिवर्तन पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अचानक से कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाना कई सवाल खड़े करता है। वो सभी सरकार के फ्रंटलाइन मंत्री थे। किसी अन्य की तुलना में उनका प्रदर्शन अच्छा या खराब नहीं कहा जा सकता। इस तरह अचानक हटा दिए जाने से उन्हें भी हैरानी हुई होगी। 

खुर्शीद ने कहा, “ऐसा भी नहीं है कि उन्हें संगठन से जुड़ा कोई काम सौंपा जाना था। या उन्हें इससे बड़ी कोई जिम्मेदारी दी जानी थी। लेकिन उन्हें सब्जी-भाजी की तरह से हटा दिया गया।” वहीं पेगासस जासूसी के मामले में सलमान खुर्शीद ने अपने बयान में कहा कि पेगासस के जरिए जासूसी का मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कई परत खुलनी बाकी है।

फिलहाल तो हम सिर्फ इसकी सतह पर ही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में बेहद गंभीरता के साथ जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि पेगासस जासूसी का मामने सामने आने के बाद सरकार के ऊपर कई आरोप लग रहे हैं। इस सॉफ्टवेयर के जरिए कई बड़े राजनीतिज्ञों और पत्रकारों की जासूसी की बात सामने आई है।

सलमान खुर्शीद से बातचीत के कुछ अंश…

• यूपी जनसंख्या बिल पर आपकी क्या राय है??
यह मानवता के खिलाफ है। इस बिल को सांप्रदायिक तो नहीं कहेंगे, लेकिन हां यह गरीबों के खिलाफ जरूर है। अगर यह बिल आता है तो बहुत से ऐसे लोग प्रभावित होंगे जो पहले से ही साधनविहीन हैं।

• कांग्रेस में ‘धृतराष्ट्र सिंड्रोम’ नहीं 
कांग्रेस पार्टी में धृतराष्ट्र सिंड्रोम नहीं है। यह पत्थर पर नहीं लिखा है कि गांधी परिवार के अलावा कोई और कांग्रेस में नेता नहीं बन सकता। यहां तक कि गांधी परिवार के लोग भी इस बात का दावा नहीं करते हैं। लेकिन हमें यह देखना होगा कि हजारों लोग गांधी परिवार के साथ किस तरह से जुड़ाव महसूस करते हैं।

• अमित शाह को लेकर क्या कहा? 
राजनीति करने का उनका तरीका बेहद अलग है। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। जाहिर सी बात है कि ऊपर से लेकर नीचे तक उनका समर्थन करने वाले हैं। साथ ही हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि अमित शाह पूरी तरह से जड़ों से जुड़े हुए हैं। 

• क्या आप वाकई चाहते हैं कांग्रेस भाजपा जैसी बने?
ऐसा कभी नहीं हो सकता। हम कभी ऐसा नहीं चाहेंगे, आइडियोलॉजी के आधार पर भी ऐसा नहीं है। भले ही हमें अगले 100 साल तक हमें सत्ता में आने का मौका न मिले, लेकिन हम भाजपा जैसा नहीं बनेंगे। हालांकि भाजपा में कुछ चीजें हैं, जिनसे प्रेरणा ली जा सकती है। भाजपा अगर ऐसी भी जगह जाती है जहां उसने कभी जीत नहीं हासिल की है तो भी वह कहती है इस बार जीतना है। हम भाजपा जितने महत्वाकांक्षी तो नहीं हो सकते, लेकिन हां उतनी मात्रा में सकारात्मक तो हो सकते हैं।

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