कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अफगानिस्तान पर जाहिर की चिंता, कहा- अफगानिस्तान पर प्रस्ताव पारित करने के लिए खुद को बधाई देना जल्दबाजी

बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने चीन, पाकिस्तान और तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान की संभावित धुरी को बताया चिंता का कारण कहा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अफगानिस्तान पर एक प्रस्ताव पारित करने के लिए खुद को बधाई देना जल्दबाजी होगी। 

बता दे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अफगानिस्तान पर पारित प्रस्ताव मे मांग की गई है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी देश या आतंकवादियों को पनाह देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, जिसपर उम्मीद जताई गई है कि तालिबान सुरक्षा के संबंध में अपने द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा।

गौरतलब हो की इस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बैठक की अध्यक्षता खुद भारत ने की थी। सुरक्षा परिषद ने सोमवार को फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा प्रायोजित प्रस्ताव को अपनाया, जिसमें 13 सदस्यों ने पक्ष में मतदान किया, कोई भी विरोध नहीं किया और स्थायी, वीटो-धारक सदस्य रूस और चीन अनुपस्थित रहे। 

तालिबान द्वारा काबुल के अधिग्रहण के बाद अफगानिस्तान की स्थिति पर शक्तिशाली 15-राष्ट्र परिषद द्वारा अपनाया गया यह पहला प्रस्ताव था और अगस्त के महीने के लिए सुरक्षा परिषद की भारत की अध्यक्षता के अंतिम दिन आया था। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार अफगानिस्तान पर अपनाए गए यूएनएससी प्रस्ताव के लिए खुद को बधाई दे रही है।

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि इस संकल्प’ के दो अर्थ हैं पहला यह है कि इस मुद्दे को ‘हल’ कर दिया गया है या फिर भारत की संतुष्टि के लिए तय किया गया है। उन्होंने आगाह किया कि चीन, पाकिस्तान और तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान की संभावित धुरी चिंता का विषय है।

More articles

- Advertisement -
Web Portal Ad300x250 01

ताज़ा ख़बरें

Trending