कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर में जागा मुगल प्रेम, मुगलों को बताया देशप्रेमी, कहा – कभी धर्म के नाम पर नही किया अत्याचार

अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहने वाले कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने इस बार फिर से एक ताजा बयान देकर नया विवाद पैदा कर दिया है। दरअसल, इस बार कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मुगलों को देश प्रेमी बता डाला है उन्होंने दावा किया है की मुगलों ने कभी देश में धर्म के नाम पर अत्याचार किया ही नहीं। उन्होंने मुगल बादशाह अकबर के शासन से लेकर तमाम दूसरे मुगल बादशाहों का उदाहरण देकर दावा किया कि मुगल शासन में जोर-जबरदस्ती द्वारा कभी धर्म परिवर्तन नहीं करवाया गया। 

रविवार को नेहरू जयंती पर हुए एक कार्यक्रम के दौरान मणिशंकर अय्यर ने मुगलिया शासन की तारीफ करते हुए कहा कि मुगलों ने इस देश को अपना बनाया। उन्होंने कहा की, “ बाबर ने अपने बेटे हूमायूँ को चिट्ठी लिखी थी जिसमें हिंदुस्तान के लोगों के धर्म में किसी तरह का दखल ना देने की बात कही थी। यही वजह है कि अकबर के शासन में धर्म के नाम पर कोई भेदभाव नहीं होता था।

अकबर ने इस देश में पचास साल तक राज किया। दिल्ली में एक सड़क है, जहाँ कॉन्ग्रेस दफ्तर है, वह अकबर रोड पर है। हमें अकबर रोड से कोई ऐतराज नहीं। हम अकबर को अपना समझते हैं और हम उन्हें गैर नहीं समझते थे।”
उन्होंने कहा, “मुगलों ने इस देश को अपना बनाया।

अंग्रेजों ने कहा कि हम तो यहाँ राज करने आए हैं। बाबर जो थे..जिसकी औलाद भारतीय जनता पार्टी के लोग मुझे नाम देते हैं…कि ये बाबर की औलाद है…इन लोगों को मैं बताना चाहता हूँ कि वही बाबर भारतवर्ष आया सन 1526 में और उनकी मौत हुई 1530 में..मतलब वो भारत में मात्र 4 साल रहे…उन्होंने हूमायूँ को बताया कि यदि आप इस देश को चलाना चाहते हो…यदि आप अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखना चाहते हो तो आप यहाँ के निवासियों के धर्म में दखल मत देना।”

अय्यर ने कहा कि 1872 में अंग्रेजों ने पहली जनगणना करवाई और उससे पता लगा कि 666 साल राज करने के बाद मुसलमानों की तादाद भारत में तकरीबन 24 फीसदी की थी और हिंदुओं की 72 फीसदी थी। मगर ये (बीजेपी) कहते हैं कि मारपीट हुई, सब लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ और सबको मुसलमान बना दिया। अरे अगर मुसलमान बनते तो आंकड़े अलग होने चाहिए। 72 प्रतिशत मुसलमान होने चाहिए और 24 प्रतिशत हिंदू होने चाहिए।

लेकिन असलियत क्या थी कि इतने ही थे। इसलिए बंटवारे से पहले जिन्ना जी की एक ही मांग थी कि सेंट्रल असेंबली में हमें 30 फीसदी आरक्षण दीजिए। उन्होंने बस इतना ही मांगा। मगर उन्हें इनकार कर दिया गया, क्योंकि उनकी तादाद 26 फीसदी ही थी। 

अय्यर ने आगे कहा, “राहुल जी ने हाल में दो-तीन दिन पहले ये कहा था कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर है। मैं उसके साथ जोड़ना चाहता हूँ कि अंतर ये है कि हम हिंदू धर्म पर विश्वास करते हैं। हम 100 प्रतिशत भारतीय हैं। हम सारे जो इस देश के बाशिंदे हैं, हम उनको भारतीय समझते हैं और चंद लोग हैं हमारे बीच में जो आज के दिन सत्ता में हैं, जिनका कहना है कि नहीं, 80 प्रतिशत भारतीय, जो कि 80 हिन्दू धर्म को मानते हैं, वही हैं असली भारतीय और बाकी जो लोग हैं, वो गैर-भारतीय हैं।

हमारे देश में वह रह रहे हैं तो केवल मेहमान बन कर रह रहे हैं और हम उनको जब चाहें देश से निकाल देंगे। उनका बस एक कर्तव्य बनता है कि जो पथ पर हम निकले हुए हैं, उसी पथ पर वो भी निकले।”

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