लखीमपुर खीरी में हुई घटना पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से की स्वत: संज्ञान लेने मांग की

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को हुए घटनाक्रम के बाद से ही राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरह जहां आज राहुल गांधी समेत पंजाब के सीएम चन्नी और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो रहे है तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के ग्रह मंत्री अजय मिश्रा ने भी इस्तीफा देने से साफ इंकार कर दिया है।

इसी बीच खबर आ रही है की दिल्ली में कांग्रेस के ‘जी-23’ के नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेने मांग की है। बुधवार को सिब्बल ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कदम उठाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, “एक ऐसा समय था जब यूट्यूब, कोई सोशल मीडिया नहीं था,

तब सुप्रीम कोर्ट प्रिंट मीडिया की खबरों के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कदम उठाता था। उसने उन लोगों की आवाज सुनी, जिनकी कोई नहीं सुन रहा था।” वकील सिब्बल ने आगे कहा, “आज हमारे नागरिकों पर गाड़ी चढ़ाई जाती है और उनकी हत्या कर दी जाती है। सुप्रीम कोर्ट से आग्रह है कि वह इस पर कदम उठाए।”

गौरतलब हो की केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र और UP के डिप्टी CM केशव मौर्य एक कार्यक्रम के लिए रविवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे थे। जब इसकी जानकारी कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को लगी, तो वे हेलिपैड पर पहुंच गए। किसानों ने रविवार सुबह 8 बजे ही हेलिपैड पर कब्जा कर लिया था। 

इसके बाद, दोपहर करीब 2.45 बजे सड़क के रास्ते मिश्र और मौर्य का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा, तो किसान उन्हें काले झंडे दिखाने दौड़ पड़े। इसी दौरान काफिले में शामिल अजय मिश्र के बेटे आशीष ने अपनी गाड़ी किसानों पर चढ़ा दी। यह देखकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आशीष मिश्र की गाड़ी समेत दो गाड़ियों में आग लगा दी। इस पूरे मामले में 8 लोगों की मौत की खबर सामने आई है ।

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