प्रदर्शनकारी किसानों पर जमकर बरसे सीएम खट्टर कहा, “हमने धैर्य रखा है, आप भी अब हद पार न करे”

हरियाणा सरकार के सीएम खट्टर ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर बैठे किसान आंदोलन के किसानो पर लगाई लगाम कहा, “हमने धैर्य रखा हुआ है, आप भी हद न पार करें।” सीएम खट्टर ने अपने हिस्से में आने वाले तीन टोल प्लाजा को खुलवाने की बात बताते हुए कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक है जिसका लाभ लगभग सभी पार्टी उठाना चाहती है और उसी के चलते ये आंदोलन करवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा-
“मैं सरकार के मुखिया के नाते इन आंदोलनकारी संगठनों के व्यवहार व कृत्यों को अलोकतांत्रिक बताते हुए उनकी निंदा करता हूँ। अगर वह सीमा से बाहर जाएँगे तो निश्चित रूप से हम कार्रवाई करेंगे। उनसे लिखवाकर लेंगे कि कोई अवांछित गतिविधियाँ भविष्य में नहीं होंगी। उन्हें पता भी है कि पुराने कृषि कानून-नियमों का नुकसान है और नए नियमों का फायदा। फिर भी वह जिद पर अड़े हैं।

कॉन्ग्रेस अपने फायदे के लिए इन किसान संगठनों का इस्तेमाल कर रही है। अब वहाँ सिर्फ मुट्ठी भर लोग रह गए हैं, लेकिन (सरकार) उन्हें भी अपना मानते हुए बार-बार किसी कठोर कार्रवाई से बच रही हैं। आखिर ऐसा कितने दिन चलेगा। ये आंदोलन धरनास्थल पर ज्यादा दिन नहीं टिकने दिया जाएगा। केंद्र सरकार इसे लेकर गंभीर है और जल्द कार्रवाई को अंजाम दे सकती है। 

किसान एक पवित्र शब्द है, लेकिन आंदोलनकारी किसान शब्द की पवित्रता भंग करने में जुटे हैं। प्रदर्शनस्थलों पर बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। मर्डर तक हो चुके हैं। रास्ता खोलने को लेकर स्थानीय लोगों के साथ विवाद बढ़ गए हैं। एक दूसरे के विरोध में भाषाएँ बोली जाने लगी है। आंदोलनकारी यहाँ तक कहते हैं कि सरकार के मंत्रियों-नेताओं को आने-जाने नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद सरकार संयम बरते हुए हैं, लेकिन इसे वह सरकार की कमजोरी समझ रहे हैं।”

इसके साथ ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए किसानों को साफ तौर पर कहा कि ये आंदोलन कॉन्ग्रेस द्वारा चलाया जा रहा है। साथ ही अपील की, कि किसान संगठन कृषि कानूनों को खत्म करने की अपनी जिद्द छोड़कर वार्ता के लिए आगे आएँ। सरकार उनसे बात करने को तैयार है। सीएम ने साफ कहा है कि यदि किसी को आंदोलन करना है तो वह लिखकर दें कि भविष्य में कोई अवांछित गतिविधियाँ नहीं होंगी। यदि वहाँ कानून व्यवस्था की हालत खराब हुई तो इसके जिम्मेदार आंदोलनकारी होंगे। बता दें की हरियाणा सरकार ने एचएसआइआइडीसी के अपने 3 टोल प्लाजा चालू करवा दिए हैं।

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