रिसर्च में दावा; 3,000 साल पहले इंसानों के ब्रेन के आकार मे आई कमी

एक नई रिसर्च में सामने आया है की लगभग 3,000 साल पहले इंसानों के ब्रेन का आकार कम हो गया था। शोधकर्ताओं ने 985 जीवों के अवशेष और आधुनिक ह्यूमन क्रैनिया के डेटासेट में परिवर्तन बिंदु के तहत विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि प्लीस्टोसिन के दौरान ह्यूमन ब्रेन का आकार 2.1 मिलियन साल पहले और 1.5 मिलियन साल पहले बढ़ रहा था, लेकिन लगभग 3,000 साल पहले ब्रेन के आकार में कमी आई, जो पिछले अनुमानों की तुलना में अधिक लेटेस्ट है।

डार्टमाउथ कॉलेज के सह-लेखक डॉ. जेरेमी डिसिल्वा के मुताबिक, हमारे विकासवादी इतिहास के दौरान इंसानों के ब्रेन के आकार में वृद्धि हुई है। लेकिन प्लीस्टोसिन के बाद से इंसानों के ब्रेन के आकार में कमी आई है। ये परिवर्तन कब और क्यों हुए, यह अभी तक ज्ञात नहीं है। आज इंसानों के बारे में एक आश्चर्यजनक सच ये है कि हमारा दिमाग प्लीस्टोसिन के समय के पूर्वजों के मुकाबले छोटा है। हालांकि ये तथ्य ह्यूमन साइंस के लिए एक रहस्य है। 

इस रहस्य को सुलझाने के लिए, विभिन्न अकेडमिक क्षेत्रों के शोधकर्ताओं की एक टीम बनाई गई जिसने ह्यूमन ब्रेन के विकास के ऐतिहासिक पैटर्न का शोध किया। इस रिसर्च में चींटियों पर शोध करके ये जानने की कोशिश की गई कि कैसे ब्रेन के आकार में वृद्धि या कमी हो सकती है। अलग-अलग प्रकार की चीटियों के ब्रेन के आकार,

संरचना और ऊर्जा उपयोग के कम्प्यूटेशनल मॉडल और पैटर्न का शोध करने से पता चला है कि जिस समूह में आप रहते हैं, मेहनत करते हैं। ब्रेन आकार उसी के मुताबिक, भिन्न हो सकता है। अंतः शोधकर्त्ता इस नतीजे पर पहुंचे की ब्रेन के साइज के कम होने का अहम कारण सामूहिक बुद्धिमत्ता पर बढ़ती निर्भरता थी। हालांकि अभी इस पर और अधिक रिसर्च होना बाकी है। 

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